संन्यास के संकेत

टेनिस दुनिया के बेताज बादशाह रोजर फेडरर को कौन नहीं कोर्ट में खेलते देखना चाहता? चाहे उम्र क्यों न बढ़ती रहे मगर फेडरर टेनिस के ऐसे जादूगर हैं? जिन्हें देखना ही अपने आप में टेनिस को जी लेना होता है। यदि ऐसा जादूगर कोर्ट से विदा होने की बात करे या संकेतभर भी दे तो जैसे दिल पर बुलडोजर चलने लग जाते हैं मगर एक दिन तो सबको संन्यास लेना ही पड़ता है और ये सच्चाई फेडरर को भी स्वीकारनी है तथा उनके प्रशंसकों को भी। जी हां, स्विट्जरलैंड के फेडरर संन्यास ले सकते हैं। उन्होंने लंदन में खेले जा रहे एटीपी फाइनल के दौरान अपने भविष्य को लेकर संकेत दिए हैं। ३८ साल के फेडरर के नाम सबसे अधिक ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने का रिकॉर्ड है। उन्होंने पुरुष सिंगल्स के ऐसे २० खिताब जीते हैं। ओवरऑल बात करें तो उन्होंने १०३ एटीपी सिंगल्स खिताब जीते हैं। रोजर फेडरर ने मैच से पहले कहा, ‘ऐसा महसूस होता है कि जो इतने सारे प्रशंसक आए हैं, हो सकता है कि यह लोग मुझे खेलते हुए आखिरी बार देख रहे हों।’ फेडरर के हवाले से इंग्लैंड के एक अखबार ने लिखा है, ‘मुझे ऐसा अहसास होता है कि ऐसा कुछ वर्षों से हो रहा था लेकिन मैं खेलता गया। मैंने हमेशा उनका स्वागत किया है।’ ‘स्विस किंग’ के नाम से लोकप्रिय रोजर फेडरर इस टूर्नामेंट के पहले मैच में ऑस्ट्रिया के डोमिनिक थीम से हार गए थे। उन्होंने बाद में माटेयो बेरेटिनी को मात दी। इसके साथ ही उन्होंने सेमीफाइनल की अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। रोजर फेडरर ने कहा, ‘यह जीत अच्छी बात है, मैं काफी खुश हूं। इस जीत से टूर पर प्रेरित रहना मेरे लिए मददगार साबित होगा। यहां आना, ऐसा लगता है कि सपने के सच होने जैसा है। मेरे प्रशंसक शायद दोबारा मुझे यहां नहीं देख पाएं। मैं यहां एक और बार खेल रहा हूं। शायद एक और बार हो या नहीं।’