" /> संसद में दिखेगा कोरोना का असर!, पहली बार सीटिंग अरेंजमेंट में होगा बदलाव

संसद में दिखेगा कोरोना का असर!, पहली बार सीटिंग अरेंजमेंट में होगा बदलाव

कोविड-१९ के मद्देनजर पहली बार कई तरह की कवायदों के साथ संसद के मॉनसून सत्र के लिए तैयारियां की जा रही हैं। संक्रमण से बचाव के लिए लोकसभा और राज्यसभा में बैठने की व्यवस्था में भी बदलाव किया जा रहा है। उचित दूरी का पालन करते हुए सदस्यों के बैठने के लिए चैंबरों और दीर्घाओं का इस्तेमाल होगा। अधिकारियों ने इस बारे में बताया कि अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के आरंभ में मॉनसून सत्र की शुरुआत होने की संभावना है।

राज्यसभा सचिवालय के मुताबिक सत्र के दौरान ऊपरी सदन के सदस्यों को दोनों चैंबर और दीर्घाओं में बैठाया जाएगा। भारतीय संसद के इतिहास में पहली बार इस तरह की व्यवस्था होगी, जहां ६० सदस्य चैंबर में बैठेंगे और ५१ सदस्य राज्यसभा की दीर्घाओं में बैठेंगे। इसके अलावा बाकी १३२ सदस्य लोकसभा के चैंबर में बैठेंगे। लोकसभा सचिवालय भी सदस्यों के बैठने के लिए इसी तरह की व्यवस्था कर रहा है।
दीर्घाओं से भागीदारी के लिए पहली बार बड़े डिस्प्लेवाली स्क्रीन और कंसोल लगाए जाएंगे। दोनों सदनों के बीच विशेष तार बिछाए जाएंगे और कुर्सियों के बीच पॉलिकार्बोनेट शीट की व्यवस्था होगी। राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू और लोकसभा के अध्यक्ष ओम बिरला ने १७ जुलाई को बैठक कर सत्र चलाने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार-विमर्श करने के बाद दोनों सदनों के चैंबरों और दीर्घाओं का इस्तेमाल करने का फैसला किया। नायडू ने अधिकारियों को अगस्त के तीसरे सप्ताह तक सत्र के लिए तैयारियां पूरी कर लेने का निर्देश दिया था, ताकि इस व्यवस्था का मुआयना हो जाए और इसे अंतिम रूप दिया जा सके। राज्यसभा सचिवालय भी इस काम के लिए पिछले दो सप्ताह से लगातार काम कर रहा है।

सूत्रों ने बताया कि आमतौर पर दोनों सदनों में एक साथ बैठकें होती हैं लेकिन इस बार असाधारण परिस्थिति के कारण एक सदन सुबह के समय बैठेगा और दूसरे की कार्यवाही शाम में होगी। कोरोना वायरस महामारी के कारण संसद के बजट सत्र की अवधि में कटौती कर दी गई थी और २३ मार्च को दोनों सदनों को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया था।