संसद शुरू होने से पहले मोदी बोले- विपक्ष लोगों के मुद्दे उठाए

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के पहले संसद सत्र की शुरुआत आज हो रही है।  17 जून से शुरू होकर ये सत्र 26 जुलाई तक चलेगा, जिसमें बजट भी पेश किया जाना है। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि प्रतिपक्ष के लोग नंबर की चिंता छोड़ दें, हमारे लिए उनकी भावना मूल्यवान है। संसद में हम पक्ष-विपक्ष को छोड़ निष्पक्ष की तरह काम करें. पीएम ने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस बार सदन में अधिक काम होगा।

पीएम ने कहा कि जब सदन चला है, तो देशहित के निर्णय अच्छे हुए हैं. आशा करता हूं कि सभी दल साथ आएं, लोकतंत्र में विपक्ष का सक्रिय होना जरूरी है. पीएम मोदी ने कहा कि चुनाव के बाद नई लोकसभा के गठन के बाद आज प्रथम सत्र प्रारंभ हो रहा है. अनेक नए साथियों के परिचय का अवसर है, नए साथियों के साथ नया उमंग, उत्साह और सपने भी जुड़ते हैं. आजादी के बाद सबसे बड़ा मतदान हुआ, महिलाओं ने बढ़ चढ़कर वोट किया. कई दशक के बाद एक सरकार को दोबारा बहुमत मिला.

प्रधानमंत्री बोले कि तर्क के साथ सरकार की आलोचना करना लोकतंत्र को बल देता है, इससे सदन में सकारात्मक नतीजे देखने को मिलेंगे.

सोमवार से मोदी सरकार 2.0 के पहले बजट सत्र की शुरुआत हो रही है. इस बार भाजपा/एनडीए और भी अधिक संख्या के साथ निचले सदन में है. ऐसे में उनके सामने कई अटके हुए विधेयकों को पास कराने की चुनौती भी है. सोमवार को जब सत्र की शुरुआत होगी, तो शुरुआती दो दिनों में नए सांसदों की शपथ कराई जाएगी. ये शपथ प्रोटेम स्पीकर वीरेंद्र कुमार कराएंगे. इसके बाद लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर का चुनाव भी होना है.

सत्र की शुरुआत से पहले सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी. इस दौरान सरकार ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित करवाने के लिए विपक्ष का सहयोग मांगा. बता दें कि सरकार की नज़र तीन तलाक बिल जैसे विधेयकों को पास कराने पर है.

आपको बता दें कि इस बार की लोकसभा पिछले कई सदनों से अलग रहने वाली है. ना ही इस बार लालकृष्ण आडवाणी दिखेंगे, ना ही सुषमा स्वराज. हालांकि, इस बार लोकसभा में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और स्मृति ईरानी बतौर लोकसभा सांसद सदन में दिखेंगे.