सखी से रुसवा आरपीएफ महिला वाहिनी

पश्चिम रेलवे के `आरपीएफ सखी’ ग्रुप में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। सफर के समय महिला यात्रियों को मदद मुहैया करने के उद्देश्य से जिस व्हॉट्सऐप ग्रुप को बनाया गया है, वह ग्रुप फिलहाल गुड मॉर्निंग और गुड नाइट तक ही सीमित है। महिला वाहिनी के सदस्यों की मानें तो इस ग्रुप में फिजूल की जानकारियां महिला यात्री पोस्ट करती हैं, जिससे आरपीएफ महिला वाहिनी अपनी सखी से रुसवा हो गई है।
जानकारी के मुताबिक पश्चिम रेलवे आरपीएफ की महिला वाहिनी ने महिला यात्रियों से जुड़ने के लिए `आरपीएफ सखी’ व्हॉट्सऐप ग्रुप बनाया है। फरवरी २०१७ में बने इस ग्रुप को तैयार करने का उद्देश्य सफर के दौरान महिला यात्रियों को सुरक्षा और मदद पहुंचाना है परंतु महिला वाहिनी ने जो ग्रुप महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाया है वह ग्रुप केवल गुड मॉर्निंग और गुड नाइट के संदेशों तक ही सीमित रह गया है। महिला वाहिनी के सदस्यों के मुताबिक आरपीएफ सखी ग्रुप में कुल १२०० महिला यात्री सदस्य हैं लेकिन इस ग्रुप में मौजूद महिला यात्री सदस्य न तो कोई जानकारी पोस्ट करती हैं और न ही कोई विचार पोस्ट करती हैं। ग्रुप में केवल जोक्स और टाइम पासवाले मैसेज ही पोस्ट होते हैं। आरपीएफ महिला वाहिनी की एक सदस्य के मुताबिक ग्रुप में आए प्रत्येक पोस्ट को हमें देखना पड़ता है। रोजाना ग्रुप में सैकड़ों पोस्ट आते हैं जो कि किसी मदद के बजाय फिजूल के होते हैं। ऐसे में हमारा समय और काम दोनों प्रभावित होता है। इसके अलावा ग्रुप में बिना कामवाले मैसेज पोस्ट होने पर महिला यात्रियों के बीच लड़ाई भी पोस्ट के माध्यम से शुरू हो जाती है।