सट्टा बाजार में गिरी बीजेपी की सत्ता

मोदी लहर में देश और कई राज्यों में बीजेपी सत्तासीन हुई है लेकिन सरकार के राज में बढ़ती महंगाई, नोटबंदी और जीएसटी जैसे मनमाने निर्णयों के कारण मोदी लहर भी ठंडी पड़ गई है। आम जनता भाजपा से पूरी तरह खफा दिखाई दे रही है। अपनी इस नाराजगी का बदला जनता चुनाव में भाजपा को सबक सिखाकर लेगी। इसका संकेत सट्टा बाजार में अभी से ही देखने को मिल रहा है। मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ राज्यों का चुनावी परिणाम भले ही ११ दिसंबर को घोषित होगा लेकिन सट्टा बाजार में अभी से ही इन राज्यों में बीजेपी की सत्ता गिरती हुई दिखाई दे रही है। सट्टा बाजार भाव स्थानीय भावनाओं पर निर्भर करता है। मतदाताओं के इसी मनोभाव के आधार पर सट्टा बाजार के सटोरियों ने इन राज्यों में भाजपा की गिरती हालत का आकलन लगाया है।
बता दें कि मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के चुनावी नतीजे अगले सप्ताह आने के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि यहां किस पार्टी की सत्ता होगी लेकिन नतीजों को लेकर भाजपा में अभी से हड़कंप मचा हुआ है। राजनीतिज्ञ विश्लेषकों के साथ-साथ अब सट्टा बाजार ने भी इन राज्यों में बीजेपी की सत्ता जाने के स्पष्ट संकेत दिए हैं। सट्टा बाजार के आंकड़ों पर अगर भरोसा करें तो पिछले १५ वर्षों से मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार इस बार सत्ता से बाहर होती दिखाई दे रही है। २३० विधानसभा सीटोंवाले मध्य प्रदेश में भाजपा को सिर्फ ९० सीटें मिलनेवाली हैं। सट्टा बाजार के सटोरियों ने मध्य प्रदेश की सत्ता इस बार कांग्रेस को मिलने के संकेत दिए हैं। इसी तरह राजस्थान में वसुंधराराजे वाली भाजपा सरकार से लोग बुरी तरह नाराज हैं। मतदाताओं के इन्हीं भावनाओं के आधार पर सट्टा बाजार में यहां भी भाजपा के भदेस के आसार जताए हैं। २०० विधानसभा सीटवाली राजस्थान में भाजपा सिर्फ ४५ सीटों पर अपनी जीत हासिल कर पाएगी जबकि कांग्रेस को यहां १४० सीटें मिलने की संभावना सट्टा बाजार में जताई गई है। छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच बड़ी टक्कर के बाद भी यहां सटोरियों की पहली पसंद कांग्रेस बनी हुई है। ९० विधानसभा सीटवाली छत्तीसगढ़ में भाजपा को ४२ और कांग्रेस को ४८ सीट मिलने के संकेत सटोरियों ने दिए हैं।