सट्टे पर सत्ता!, फिर एक बार एनडीए सरकार, एनडीए ३०० यूपीए १४५

– सट्टा बाजार में एनडीए फेवरिट
– यूपीए के सरकार बनाने की उम्मीद नहीं
– एनडीए सरकार का भाव ११ रुपए
– यूपीए सरकार का भाव ३३ रुपए
– कम भाववाले का चांस रहता है ज्यादा

देश में लोकसभा के पांच चरण का मतदान पूरा हो चुका है और छठे चरण का मतदान आगामी रविवार को है। २३ मई नजदीक आती जा रही है और लोगों के दिलों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं कि दिल्ली का तख्त किसे नसीब होगा? फिलहाल तो इसका जवाब काफी मुश्किल है पर सट्टा बाजार का रुख करें तो एक तस्वीर नजर आ रही है। देश के कई प्रमुख शहरों में सट्टा बाजार सक्रिय है और लोग सट्टे पर पर पैसा लगाकर जानना चाह रहे हैं कि कौन सत्ता में आ रहा है? अब इस मामले में अगर सट्टा बाजार के ट्रेंड पर गौर करें तो उसके अनुसार केंद्र में फिर एक बार एनडीए सरकार बनने जा रही है।

देश में राजस्थान के फलोदी सट्टा बाजार की विश्वसनीयता काफी ज्यादा है। इसके अलावा मुंबई, दिल्ली (हापुड़), कोलकाता, इंदौर आदि शहरों में भी सट्टा बाजार सक्रिय है। इन सभी सट्टा बाजार के आंकड़ों का यदि औसत लिया जाए तो केंद्र में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने के पूरे चांस है। एनडीए को ३०० के करीब सीटें मिल सकती हैं जबकि यूपीए को १४५ सीटें मिलने का अनुमान है। महागठबंधन को भी १०० से १५० के बीच सीटें मिलने का अनुमान है। हालांकि कुछ ट्रेंड यह भी बताते हैं कि भले ही एनडीए सबसे बड़ा गठबंधन बनकर उभरेगा मगर वह बहुमत से कुछ दूर रह सकता है। ऐसे में उसे कुछ अन्य क्षेत्रीय छोटे दलों की मदद लेनी पड़ सकती है। क्षेत्रीय क्षत्रपों में उत्तर प्रदेश का महागठबंधन, डीएमके, तृणमूल कांग्रेस, वाईएसआर कांग्रेस और तेलंगाना राष्ट्र समिति अच्छी स्थिति में हो सकते हैं।

देश में पांच चरण के चुनाव हो चुके हैं और आगामी रविवार १२ मई को छठे चरण का चुनाव है। सातवें चरण का चुनाव १९ को है और २३ मई को मतगणना है और उस दिन तस्वीर साफ हो जाएगी कि केंद्र में किसकी सरकार बनेगी। तब तक सोशल मीडिया और विभिन्न टीवी चैनलों पर बहस व आकलनों का दौर जारी है। मगर देश में एक बाजार और भी है जो बारिश और क्रिकेट से लेकर चुनावों तक का आकलन पेश करता है और काफी सटीक भी रहता है। यह है सट्टा बाजार। देश का सट्टा बाजार कह रहा है कि एक बार केंद्र में फिर से एनडीए की सरकार बनने जा रही है।

पिछली बार २०१४ में भाजपा ने अकेले २८२ सीट हासिल कर बहुमत पा लिया था। अकेले यूपी में उसे ७१ सीटें मिली थीं पर इस बार स्थिति काफी भिन्न है। यूपी में भाजपा को सबसे बड़ा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। सटोरियों का मानना है कि इस बार एनडीए को सपा-बसपा महागठबंधन से चुनौती मिलेगी, फिर भी एनडीए ४० सीटें जीत सकता है, और बसपा-सपा को लगभग ३४ सीटें मिलेंगी। कांग्रेस व यूपीए का यूपी में एकाध सीट पर छोड़कर कोई प्रभाव नहीं होगा। सटोरियों का कहना है कि बिहार में भी यूपीए को नुकसान होगा और इस बार एनडीए को लगभग २५ सीटें मिल सकती हैं, जबकि कांग्रेस-राजद गठबंधन को १५ सीटें मिलने की संभावना है। इसी तरह महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश में भी इस बार पिछली बार के मुकाबले एनडीए को कम सीटें आ सकती हैं। गुजरात में भी भाजपा पिछली बार का प्रदर्शन नहीं दोहरा पाएगी। सटोरियों के अनुसार भाजपा प.बंगाल में अच्छा प्रदर्शन कर सकती है और १० से १२ सीटें हासिल कर सकती है। हालांकि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को २२-२३ सीटों की उम्मीद है। पार्टी ओडिशा में भी १० सीटें पा सकती है लेकिन कर्नाटक में उसे नुकसान हो सकता है।

फलोदी का सटीक आकलन
सट्टा बाजारों में राजस्थान के फलोदी कस्बे के सटोरियों की काफी पैठ है और चुनाव में इनका आकलन सबसे सटीक माना जाता है। देश का सबसे विश्वसनीय फलोदी सट्टा बाजार का ट्रेंड कह रहा है कि फिर एक बार केंद्र में एनडीए सरकार। फलोदी सट्टा बाजार के सटोरियों का आकलन है कि एनडीए पूर्ण बहुमत की सरकार बनाएगी जबकि कांग्रेस पिछली बार से थोड़ी सीटें ज्यादा जीतेगी परंतु विपक्ष में ही बैठेगी। फलोदी सट्टा बाजार के जानकारों ने अन्य क्षेत्रीय दलों को लोकसभा चुनाव में भारी नुकसान होने के संकेत दिए हैं। लोकसभा चुनाव में ५४३ सीटों के लिए चुनाव हो रहा है, २०१४ के आम चुनाव में भाजपा ने २८२ सीटों के साथ बहुमत पाया था जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को सिर्फ ४४ सीटें ही मिल पाई थीं।
छोटे से कस्बे के इस बाजार में प्रतिदिन करोड़ों रुपए का सट्टा कारोबार होता है। सूत्र बताते हैं कि यहां की पुलिस कभी भी फलोदी के इस मुख्य बिजनेस को डिस्टर्ब नहीं करती बल्कि पुलिसवाले भी यहां सट्टा लगाने आते हैं। चुनाव और क्रिकेट दुनिया के किसी भी कोने में हो फलोदी सट्टा मार्केट में उस पर बोली लगना तय है। चुनाव और क्रिकेट के अलावा यंहा मॉनसून पर बहुत बड़ा सट्टा लगाया जाता है।
फलोदी सट्टा बाजार से जुड़े कई सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि इस बाजार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए के भाव सबसे कम हैं। फलोदी सट्टा बाजार में जिसका सबसे कम भाव होता है उसकी स्थिति मजबूत मानी जाती है।

‘खाया’ और ‘लगाया’
फलोदी के सट्टा बाजार में २ तरह से सौदा होता है ‘खाया’ और ‘लगाया’। खाया का मतलब होता है कि जीतने का चांस कम है और लगाया का मतलब जीतने के अच्छे चांस हैं। फलोदी सट्टा बाजार का अपना एक नेटवर्क है जिनके द्वारा इन्हें हर जगह की सूचना मिलती है। यहां के एक सट्टा कारोबारी के अनुसार ‘हमें हर तरह के लोगों के फोन आते हैं। वे विधायक, सांसद या मुख्यमंत्री भी हो सकते हैं। फलोदी का बाजार सही माना जाता है इसीलिए इसकी मांग ज्यादा है।’ एक अन्य कारोबारी ने बताया कि ‘फलोदी में बिहार, यूपी, कोलकाता और लगभग सभी जगहों से लोग आते हैं, वे हमें बताते हैं कि अलग-अलग जगहों पर क्या जातिगत समीकरण बन रहे हैं। हम रोज सुबह १० बजे निर्धारित रेट के मुताबिक बाजार खोलते हैं। यह बाजार शाम ५ बजे तक खुला रहता है और इस समय में हम करोड़ों का बिजनेस कर चुके होते हैं। लोग फोन करके सट्टा लगाते हैं। अगर वे जीतते हैं तो उनके अकाउंट में मोबाइल वॉलिट के माध्यम से पैसा डाल दिया जाता है।’

भेंडवल की भविष्यवाणी
सत्ता में वापसी!
बुलढाणा के भेंडवल गांव में पिछले ३०० साल से कलश स्थापना करके भविष्यवाणी की जाती है। देश में किसकी सत्ता आएगी, कल इसकी भविष्यवाणी की गई। इस भविष्यवाणी में संकेत मिला कि २३ मई को एनडीए की सत्ता में वापसी होगी और मोदी एक बार फिर प्रधानमंत्री बनेंगे। भेंडवल में कलश स्थापना करके पान के पत्ते पर सुपारी रखी जाती है। इस सुपारी के हिलने-डुलने के आधार पर यह भविष्यवाणी की जाती है। भेंडवल में की गई भविष्यवाणी के मुताबिक देश में राजा कायम रहेगा, स्थिर सरकार रहेगी, ऐसा संकेत मिला है। देश को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा, ऐसा अंदाजा भविष्यवाणी में लगाया गया। इसके अलावा सीमापार से घुसपैठ जारी रहेगी परंतु सुरक्षा बल इसका मुंहतोड़ जवाब देंगे, ऐसा सामने आया। इसके साथ ही इस वर्ष कम बारिश होने की संभावना है। चारा-पानी की समस्या रहेगी, ऐसी संभावना कलश पर रखे सुपारी के हिलने-डुलने से आंकी गई है।