सत्ता में रहते भी सत्य ही बोला, उद्धव ठाकरे ने दिया युति कार्यकर्ताओं को काम पर जुटने का आदेश

कुर्सी के लिए शिवसेना कभी भूखी नहीं थी। सत्ता में होते हुए सत्य के लिए बोला, आवाज उठाई, किसानों का प्रश्न हल होना चाहिए, ऐसी हमारी स्पष्ट भूमिका है। टिप्पणी खुल्लम-खुल्ला करना और मित्रता भी दिल खोलकर करना, ऐसी हमारी नीति है। मराठवाड़ा भगवा का गढ़ है। इस भगवा गढ़ पर नजर उठाने की कोई हिम्मत न करे। यह भगवा फड़कता रहे, इसके लिए दोनों दलों के कार्यकर्ता कमर कसकर तैयार रहें। इन शब्दों के साथ शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल संभाजी नगर स्थित शिवसेना-भाजपा पदाधिकारी सम्मेलन में युति के कार्यकर्ताओं को काम पर जुटने का आदेश दिया।

इस सम्मेलन में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, शिवसेना सांसद चंद्रकांत खैरे, शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रावसाहेब दानवे, विधानसभा अध्यक्ष हरिभाऊ बागडे, राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर, संपर्क प्रमुख विनोद घोसालकर आदि उपस्थित थे। जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का विवाद हल होगा या नहीं, इस पर सभी का लक्ष्य था। कौन किसके विरोध में है, यह चर्चा करने का समय नहीं है। अर्जुन खोतकर शिवसेनाप्रमुख का कट्टर शिवसैनिक है। वह गलत मार्ग पर कभी नहीं जा सकता है। सर्वसामान्य जनता के हितों के लिए अपनी युति हुई है। उनके कल्याण, समृद्धि के लिए हम काम करते हैं, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा। दोनों दलों का प्रखर हिंदुत्व का विचार एक साथ आया है। यही विचार लेकर युति को आगे जाना है। सामान्य जनता को युति से बड़ी उम्मीद रही है। अपेक्षा की कसौटी पर उतरना कठिन है। परंतु असंभव नहीं है। युति फूल की तरह खिलती रहे, प्रफुल्लित व सुगंध देती रहे।
मराठवाड़ा भगवा का गढ़ टिकना ही चाहिए
मराठवाड़ा भगवा का गढ़ है। यहां की मिट्टी में हिंदुत्व का रक्त है। कट्टर व धर्माभिमान की फौज ने इस मिट्टी में जन्म लिया है। कई वर्षों से मराठवाड़ा में भगवा लहरा रहा है। इस भगवा को उतारने के लिए कई प्रयत्न किए गए। इस बार भी होगा, परंतु युति मतलब यह होने नहीं देना है। दोनों दलों के कार्यकर्ता रक्त को पानी करो, ऐसा आह्वान उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर किया। हमारी धमनियों में हिंदुत्व का रक्त बह रहा है। हिंदुत्व युति का पंचप्राण है। इस कारण हम पुन: एक साथ आए। सत्ता में रहते हुए सत्य के लिए विरोध किया। शिवसेना ने सत्ता को कई बार चुनौती दी परंतु विकास के मुद्दे पर कभी आड़े नहीं आई, ऐसा उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा।

जिन मुद्दों को रखा मुख्यमंत्री ने मान्य किया
सर्वसामान्य जनता के लिए शिवसेना ने आवाज उठाई। मैंने जो मुद्दा रखा, वह मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मान्य किया। नाणार परियोजना रद्द किया। मुंबई के ५०० वर्गफुट के घरों का प्रॉपर्टी टैक्स माफ किया। किसानों का प्रश्न, जानवरों के चारा-पानी का मुद्दा हल होना चाहिए। केवल मतों की राजनीति शिवसेना को कभी जमी नहीं। केवल मत नहीं, उनका आशीर्वाद चाहिए। उनका आशीर्वाद आगे लेकर जाएगा। किसानों की खेती, बीमा का प्रश्न है। सरकार घोषणा करती है। आगे की जवाबदेही सरकारी यंत्रणा की है। सरकारी यंत्रणा को काम पर लगाओ किसानों का आशीर्वाद लो, जगह दोगुनी बढ़ेगी, ऐसा उद्धव ठाकरे ने कहा।
सुजय विखे पाटील के भाजपा में प्रवेश को लेकर राकांपा अध्यक्ष शरद पवार द्वारा की गई टिप्पणी पर उद्धव ठाकरे ने जमकर खिंचाई की। शिवसेना ने हमेशा गरीबों के हितों का पालन किया। उनके बच्चों का बर्तन मांजने के लिए उपयोग नहीं किया। उनके बच्चे शिवसेना के हृदय में रहते हैं, ऐसी टिप्पणी उद्धव ठाकरे ने की। आदित्य ठाकरे चुनाव लड़ेंगे क्या? ऐसा प्रश्न पूछा जा रहा है। चुनाव लड़ना है या नहीं, वे निश्चित करेंगे, मैं नहीं। ऐसा उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर स्पष्ट किया।

प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे को किया याद
पिछले लोकसभा चुनाव प्रचार के समय गोपीनाथ मुंडे के साथ थे। पूरे महाराष्ट्र में हम लोगों ने दौरा किया। प्रमोद महाजन, गोपीनाथ मुंडे की आज याद आ रही है। शिवसेना-भाजपा के सभी कार्यकर्ताओं ने अपार श्रम किया, जिसके कारण हम आज यह दिन देख रहे हैं। उनके कष्ट का यह फल है, ऐसी कृतज्ञ भावना उद्धव ठाकरे ने इस मौके पर व्यक्त की। औरंगाबाद को संभाजी नगर किया। पुन: संभाजी नगर से औरंगाबाद हुआ, परंतु अब हमें औरंगाबाद नहीं चाहिए। उद्धव ठाकरे के ये कहते ही उपस्थित समुदाय की तालियों से पूरा परिसर गूंज उठा।

जालना का पेंच सुलझा, युति का धर्म निभाएंगे
संपूर्ण महाराष्ट्र का ध्यान आकर्षित करनेवाली जालना के लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र की पेंच आखिरकार सुलझ गई है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की उपस्थिति में हुई बैठक में युति का धर्म निभाने की बात पर सहमति बनी। इसके बाद शिवसेना के राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर व भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर युतिधर्म निभाने की बात कही।
जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने की शिवसेना के राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर की इच्छा थी। निर्वाचन क्षेत्र के शिवसैनिकों की भी यही मांग थी। युति होने के बाद यह मांग कायम रहने के कारण उलझन पैदा हो गई थी। इसे सुलझाने के लिए मुंबई में ‘मातोश्री’ निवासस्थान पर बैठक हुई लेकिन समस्या का कोई हल नहीं निकला।
संभाजीनगर में शिवसेना-भाजपा युति के पदाधिकारियों के सम्मेलन में शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस एकत्रित हुए। होटल रामा इंटरनेशनल में रावसाहेब दानवे व अर्जुन खोतकर से दोनों नेताओं ने चर्चा की। इस दौरान शिवसेना नेता व सांसद संजय राऊत, ग्रामविकास मंत्री पंकजा मुंडे, सांसद डॉ. प्रीतम मुंडे, शिवसेना सचिव मिलिंद नार्वेकर उपस्थित थे। इस चर्चा में युति धर्म का पालन करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद रावसाहेब दानवे ने अर्जुन खोतकर का मुंह मीठा कराया। अर्जुन खोतकर ने भी शिवसेनापक्षप्रमुख द्वारा बताए गए युति के धर्म का पालन करूंगा, ऐसा कहते हुए दानवे का मुंह मीठा कराया।
युति आठों सीट जीतेगी
शिवसेना-भाजपा हिंदुत्व के लिए एकत्रित हुई है। युति से हमारी ताकत निश्चित बढ़ेगी, इसके चलते मराठवाड़ा के लोकसभा की सभी सीटें जीतेंगे, ऐसा विश्वास शिवसेना नेता व सांसद चंद्रकांत खैरे ने व्यक्त किया। एनडीए प्रबल हो रही है। लोकसभा चुनाव में एक होकर काम करो, ईगो मत रखो, ऐसा खैरे ने कहा।

शिवसेनापक्षप्रमुख का आदेश सिर आंखों पर- राज्यमंत्री अर्जुन खोतकर
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुझे और रावसाहेब दानवे को युति धर्म के बारे में समझाया। दोनों को धर्म का पालन करना होगा। पहली परीक्षा मेरी है इसलिए मैं पास हो जाऊंगा। तुम्हें १०० में से १०० अंक लाकर दिखाऊंगा। आगे की परीक्षा में तुम्हें पास होना ही पड़ेगा, ऐसा अर्जुन खोतकर ने कहा। बीच के दौर में आपातकाल की स्थिति निर्माण हो गई थी। अब आपातकाल उठाने के बाद ही ये निर्णय पक्ष के श्रेष्ठों ने लिया है। इस निर्णय के विरुद्ध नहीं जाऊंगा। पूरी जान लगाकर जालना लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में युति के उम्मीदवार को विजयी बनाएंगे। दगाबाजी मेरे स्वभाव में नहीं है। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का आदेश सिर आंखों पर। मुझे जो जिम्मेदारी दी गई है, उसे मैं अवश्य निभाउंगा।