सनका स्वाइन फ्लू! १५ दिन में ४८ मरीज

मौसम में हो रहा बदलाव अब मुंबईकरों के स्वास्थ्य पर असर डाल रहा है। पश्चिमी हिंदुस्थान में जारी स्वाइन फ्लू का प्रकोप अब मुंबई में भी जोर पकड़ रहा है। मार्च में यहां स्वाइन फ्लू पूरी तरह सनक गया है महज १५ दिन में स्वाइन फ्लू के ४८ मरीज पाए गए हैं। स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देख मनपा के स्वास्थ्य विभाग ने अपनी कमर कस ली है।
बता दें कि इस वर्ष जनवरी से ही राज्य में स्वाइन फ्लू से लोग ग्रसित हो रहे हैं। हालांकि मुंबई में जनवरी में स्वाइन फ्लू का एक भी मामला नहीं था लेकिन फरवरी में ४० मामले सामने आए और मार्च महीने में महज १५ दिनों के भीतर ४८ मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी। बढ़ते मामलों को देख मनपा ने एच१ एन१ वायरस से ग्रसित रोगियों की देखभाल व उपचार के साथ लोगों को जागरूक करने और डॉक्टरों को बिना समय गंवाए बीमारी के लक्षण को पहचानने और इलाज करने को कहा है।
उच्च जोखिम समूह का टीकाकरण
मनपा की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पद्मजा केसकर ने बताया कि स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देख हमने उच्च जोखिम समूह में आनेवाली ८,००० गर्भवती महिलाओं, अन्य बीमारियों से जूझ रहे १,५०० और स्वास्थ्य सेवा प्रदान करनेवाले ५०० लोगों का टीकाकरण किया है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
यदि आपको १०० डिग्री से अधिक बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सर्दी सहित अन्य स्वास्थ्य समस्या हो रही है तो इसे हल्के में न लें वरना इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। दवाई लेने के बाद भी ४८ घंटे के भीतर आराम नहीं होता तो तुरंत मनपा के अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच कराएं।
इन बातों का रखें ध्यान
सार्वजनिक स्थलों पर खांसने व छींकने के पहले अपने मुंह को रूमाल से ढंके।
यदि आप स्वाइन फ्लू से ग्रसित हैं तो घर पर ही आराम करें और दवाइयों का नियमित सेवन करें।
लक्षणों को अनदेखा न करें।
संशय होने पर भी स्वाइन फ्लू का इलाज होगा, इसके लिए रिपोर्ट की जरूरत नहीं।