सबला नारी, सब पर भारी!

महिलाओं के साथ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है। घर हो, ऑफिस हो या सफर। आए दिन महिलाएं हिंसा का शिकार होती रहती हैं। आज भी देश में घरेलू हिंसा का प्रमाण बहुत ज्यादा है। ६० से ७० फीसदी महिलाएं घरेलू हिंसा का शिकार होती हैं। नेशनल क्राइम ब्यूरो रिकॉर्ड २०१७ की रिपोर्ट की मानें तो महिलाओं संग होनेवाले अपराध में २८ प्रतिशत मामले पति या किसी रिश्तेदार द्वारा किया जाता है। महिलाओं के साथ होनेवाली हिंसा के मामले में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है। मुंबई पुलिस ने महिलाओं से यह अपील की है यदि वे बिना डरे उन पर हो रही हिंसा के बारे में पुलिस को बताएंगी तो पुलिस भी उन्हें इंसाफ दिलाने के लिए हर मुमकिन प्रयास करेगी। महिलाओं को उनके साथ हो रही हिंसा को छुपाना नहीं चाहिए बल्कि उनका डट कर सामना करना चाहिए। ताकि नारी के अबला होने के दिन पुराने हों और अब सबला नारी अपराधियों पर भारी प़ड़ें। इससे अन्य महिलाओं को भी बल मिलेगा और वे खुद पर हो रही हिंसा का जवाब दे सकती हैं।
महिलाएं व समाज से मुंबई पुलिस की अपील
देश के तमाम राज्यों में महिलाओं के साथ अपराध के मामलों में महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है। इसके लिए पुलिस को अपना रिस्पांस टाइम बढ़ाना चाहिए। अपराध के मामलों को रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा अपराधियों को सख्त सजा दी जानी चाहिए ताकि वे भविष्य में आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने से पहले कई बार सोचें।
घरों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ रही हिंसा और आपराधिक मामलों को रोकने के लिए महिलाओं को जागरूक करना बहुत आवश्यक है, इसके लिए महिला शिक्षा को बढ़ावा देना चाहिए और समाज की रूढ़िवादी परंपराओं को खत्म कर महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार दिलवाना चाहिए।
किसी भी महिला के साथ यादि कोई आपराधिक घटना घटती है तो समाज को उसका मजाक उड़ाने की बजाय उसकी सुरक्षा के बारे में सोचना चाहिए। एक बच्चे को स्कूल के समय से ही इसकी संवेदनशीलता और इसके महत्व के बारे में समझाने का प्रयास करना चाहिए।

– प्रणय अशोक (मुंबई पुलिस प्रवक्ता)