सभी को बांधे रखती है हिंदी- अजय देवगन

हिंदी सीखने का एक बड़ा और आसान माध्यम है हिंदी फिल्में। अगर कोई दक्षिण भारत से यहां मुंबई आता है तो वो भी चंद दिनों में हिंदी-मराठी सीख ही लेता है। हिंदी राष्ट्र की भाषा है। हिंदी से राष्ट्रीयता की भावना बढ़ती है। राष्ट्र की प्रगति के लिए जरूरी है कि हम सामाजिक तौर पर हिंदी का प्रयोग करें। मैंने देखा है कि मुंबई का व्हाइट कॉलर क्लास अंग्रेजी भाषा का प्रयोग करता है। कौन-कौन सी भाषा का इस्तेमाल करना है यह उनकीr मर्जी पर निर्भर है। मैं तो बचपन से ही अपने यार-दोस्तों के साथ हिंदी में ही बोलता आया हूं। इतना ही नहीं, अगर किसी लड़की पर इम्प्रेशन भी मारना होता तो हम हिंदी में एक कोड लैंग्वेज का प्रयोग करते। आज यह सब याद करके बेहद हंसी आती है। चिढ़ने-चिढ़ाने का मजा सिर्फ हिंदी में ही आता है। वैलेंटाइन डे के समय हम बच्चों को इस तरह का प्यार भरा संदेश सिर्फ हिंदी में ही उपलब्ध था और यही भाषा अपनी लगती थी। एक अलग ही दुनिया है इस देश की। कई देशों में पूरे राज्य में सूचनाओं के आदान-प्रदान की एक भाषा होती है। अपने देश में २२ प्रमुख भाषाएं हैं, जिनमें हिंदी को पूरे देश की भाषा माना जाता है।
मेरा जन्म दिल्ली का है पर परवरिश, एजुकेशन, करियर सब कुछ मुंबई की देन है। मेरी मातृभाषा पंजाबी है, जिसका उपयोग बहुत कम होता है। काजल (काजोल) आधी मराठी और आधी बंगाली है। यह उसकी खासियत है कि वो मराठी के साथ बांग्ला भी अच्छी तरह बोल लेती है। हमारे दोनों बच्चे हिंदी व अंग्रेजी का इस्तेमाल करते हैं। काजल भी कभी अंग्रेजी तो कभी हिंदी बोल लेती है। मेरा यह मानना है कि विविधता में भी एकता जैसी बात सिर्फ हिंदी में है। अमीर हो या गरीब, सभी को बांधे रखनेवाली है हिंदी, जिसे हर कोई बोल सकता है और आसानी से समझ सकता है।