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सभी संबंधित विभाग दिव्यांगजन अधिनियम-2016 का प्रभावी क्रियान्वयन करें- कमिश्नर श्री त्रिपाठी

– शासन द्वारा 21 प्रकार के नये दिव्यांग घोषित

एमजीएम मेडिकल कॉलेज सभाकक्ष में आज दिव्यांगजन अधिनियम-2016 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिये संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कमिश्नर श्री आकाश त्रिपाठी ने कहा कि इंदौर संभाग में सभी संबंधित विभाग दिव्यांगजन अधिनियम-2016 का प्रभावी क्रियान्वयन करें। दिव्यांगजन को शैक्षिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जाना चाहिये। कार्यशाला में इंदौर संभाग के समस्त जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, उप संचालक समाजिक न्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, जिला शिक्षा समन्वयक और स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं निशक्त कल्याण भोपाल श्री संदीप रजक ने कहा कि विकलांगता अधिनियम-2016 में सूची का विस्तार 7 से 21 स्थितियों में किया गया है और इसमें अब सेरेब्राल पाल्सी, बौनापन, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, एसिड अटैक पीड़ित सुनने में मुश्किल, भाषण और भाषा विकलांगता, विशिष्ट विकलांगता, आत्मकेंद्रित स्पेक्ट्रम विकास शामिल हैं। क्रोनिक न्यूरोलॉजिकल विकास जैसे मल्टीपल स्केलेरोसिस और पार्किंसंस रोग, रक्त विकार जैसे हीमोफिलिया, थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया और कई विकलांग को शामिल किया गया है। विशेष रूप से बुद्धि की सूक्ष्मता से बेंचमार्क दिव्यांग व्यक्तियों को कम से कम 40 प्रतिशत किसी भी व्यक्ति के रूप में परिभाषित किया गया है।
इस अवसर पर कार्यशाला को सम्बोधित करते हुये संचालक सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन भोपाल श्री कृष्ण गोपाल तिवारी ने कहा कि समाज का सबसे कमजोर वर्ग दिव्यांगजन ही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में इनके लिये समाज द्वारा बहुत कुछ किया जाना चाहिये। केन्द्र सरकार ने 21 प्रकार के नये दिव्यांग घोषित किये है। अल्प दृष्टिबाधित, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवणबाधित, कम या ऊँचा सुनना, बोलने एवं भाषा, चलन दिव्यांगता, सेरेबल पाल्सी, बौनापन दिव्यांग, तेजाब हमला पीड़ित, मांसपेसी दुर्विकार, कुष्ठरोग से मुक्त, बहु-दिव्यांगता, बहू स्केलेरोसिस, थेलेसिमिया, हेमोफीलिया, सिक्कल कोशिका रोग, आटिज्म दिव्यांगता, मानसिक रुग्णता तथा सीखने की दिव्यांगता इसमें शामिल हैं।
कार्यशाला में बताया गया कि इंदौर में शासकीय हुकमचंद अस्पताल में प्रति बुधवार को प्रात: 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीण जड़िया द्वारा गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा दिव्यांगों का सर्टिफिकेट बनाये जायेंगे। इसके अलावा प्रत्येक शनिवार (द्वतीय और तृतीय शनिवार छोड़कर) दिव्यांगों के मेडिकल सर्टिफिकेट कलेक्ट्रेट परिसर में भी बनाये जायेंगे। जारी होने वाले मेडिकल प्रमाण-पत्र के साथ यूनिक आईडी कार्ड भी जनरेट करवाने का दायित्व सिविल सर्जन का होगा। 21 प्रकार की दिव्यांगताओं में यदि किसी विशेष विशेषज्ञ की आवश्यकता होती है तो मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एमवाय अस्पताल से पूर्ति करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ब्लॉक स्तर पर भी मेडिकल प्रामण-पत्र हेतु शिविर आयोजित किये जायेंगे। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बोर्ड अनुसार समुचित चिकित्सकों की व्यवस्था की जायेगी। इन शिविरों को समन्वय सामाजिक विभाग द्वार किया जायेगा।
कार्यशाला को प्रोफेसर गणेश जोशी डॉ. संदीप डोले ने भी सम्बोधित किया। अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नेहा मीना और संयुक्त संचालक श्रीमती सुचिता तिर्की आदि मौजूद थे।