" /> समझौता करने के बहाने मार दी गोली

समझौता करने के बहाने मार दी गोली

मालाड-गोरेगांव गोलीकांड
दोनों आरोपी गिरफ्तार

मालाड तथा गोरेगांव की हद में 28 मई को हुए गोलीकांड की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। गोरेगांव पुलिस ने जहां गोलीकांड तथा हत्या को अंजाम देनेवाले आरोपी संतोष कलंबे उर्फ सीआर (43) को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है, वहीं मालाड पुलिस ने उसके साथी विनोद पुजारी को गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने दोनों को 8 जून तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है। आपसी मारपीट के बाद समझौता करने के बहाने राकेश यादव को कलंबे द्वारा गोली मार देने की बात पुलिस सूत्रों ने बताई है।
बता दें कि 28 मई को गोरेगांव पुलिस स्टेशन की हद में स्थित अनमोल टॉवर की 15वीं मंजिल पर रहनेवाले चार्टर्ड एकाउंटेंट धवल सुराना के फ्लैट की खिड़की का कांच तोड़कर गोली अंदर घुसी थी। पुलिस सूत्रों की मानें तो यादव की हत्या से पहले कलंबे जांच लेना चाहता था कि उसके पास जो पिस्तौल है, वह कामयाब है या नहीं। लिंक रोड, इनऑर्बिट मॉल के सामने कल्पतरू बिल्डिंग के बगल की खाली पड़ी जमीन पर जहां यादव की हत्या की, उसी जमीन की दुसरी तरफ से शाम को करीब साढ़े चार बजे उसने गोली चलाकर अपने देशी पिस्तौल की जांच की थी वही गोली सुराना के फ्लैट में घुसी थी, जिसकी शिकायत गोरेगांव पुलिस ने दर्ज की है। बाद में शाम  6 बजे के करीब उसने यादव की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड का मामला मालाड पुलिस ने दर्ज किया है। गोरेगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हत्या से चार दिन पहले यादव और उसका दोस्त गोरेगांव स्थित प्रेम नगर क्षेत्र में गए थे, वहां कलंबे की लड़कों से मारापीट हुई थी। इस झगड़े को खत्म कर समझौता करने के बहाने कलंबे ने यादव को फोन कर 28 मई को वहां बुलाया था और गोली मार दी थी। बाद में विनोद पुजारी के साथ बाइक पर बैठ फरार हो गया था। ज़ोन-11 के डीसीपी डॉ. मोहन दहिकर ने बताया कि मालाड पुलिस ने भादंवि की धारा 302, 34 सहित भारतीय हथियार कानून 3, 25, 27 तो गोरेगांव पुलिस ने भादंवि की धारा 307, 427 सहित भारतीय हथियार कानून 3, 25, 27 के तहत मामला दर्ज किया है।