सर्दियों में करें यादगार सैर, देवकुंड वॉटरफॉल

ऊंचे पहाड़ से गिरते झरनों का कलरव किसे रोमांचित नहीं करता? इन झरनों के शीतल जल में नहाने का मजा ही निराला है। सर्दियों में आप भी कहीं घूमने की योजना बना रहे हैं तो आप मुंबई से कुछ ही दूरी पर स्थित देवकुंड झरने पर यादगार पर्यटन का लुत्फ उठा सकते हैं। पश्चिमी घाट की सह्याद्रि रेंज में ये वॉटरफॉल शहर की भीड़भाड़ से दूर है और यहां आने पर आपको पूरी तरह से सुकून मिलेगा। मुंबई से नजदीक होने की वजह से यहां सैलानियों का तांता लगा रहता है।
देवकुंड राज्य के रायगढ़ जिले में माणगांव तालुका अंतर्गत भीरा गांव में स्थित है। यह गांव भीरा डैम के कारण भी लोकप्रिय है। देवकुंड में सालभर पर्यटकों का तांता लगा रहता है। यह एक खूबसूरत झरना है, जो बड़े चट्टानी रास्तों से अपना सफर जमीन तक तय करता है। अपने अद्भुत परिदृश्य के साथ यह जलप्रपात काफी हद तक सैलानियों को आनंदित और रोमांचित करने का काम करता है। यहां का साफ पानी, आस-पास का हरा-भरा माहौल किसी का भी मन मोह सकता है। एक शानदार अनुभव के लिए आप यहां आ सकते हैं। जलप्रपात तक पहुंचने लिए आपको कुछ दूरी तक सफर ट्रेकिंग का सहारा लेना होगा।
हालांकि मॉनसून के दौरान यहां जाना खतरनाक होता है क्योंकि इस समय में यहां फिसलन बढ़ जाती है। साथ ही बारिश में यहां पानी का बहाव भी बढ़ जाता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका भी बढ़ जाती है। वर्ष २०१७ में यहां ४ पर्यटक कुंडलिका नदी में बह गए थे और करीब ५५ लोग तेज बहाव में फंस गए थे इसलिए इस वर्ष प्रशासन ने २१ जून से ३१ अक्टूबर से यहां पर्यटकों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया था। १ नवंबर से यह प्रतिबंध हट चुका है, लिहाजा प्राकृतिक खूबसूरती का आनंद उठा सकते हैं।
आप मुंबई से दो घंटे में इस खूबसूरत डेस्टिनेशन पर पहुंच सकते हैं। इसके लिए आपको भीरा गांव पहुंचने की जरूरत होगी। हरी भरी वादियोंवाले रास्ते से होते हुए आप यहां आसानी से पहुंच सकते हैं। देवकुंड की खासियत यह है कि यहां साल के १२ महीने पानी बहता रहता है और इसी वजह से पिकनिक मनाने या परिवार के साथ घूमने के लिए यह जगह पूरी तरह से मुफीद है। अगर आप पहली बार देवकुंड का रुख कर रहे हैं तो यहां लोकल गाइड की मदद अवश्य लेनी चाहिए। इत्मीनान से यहां घूमने के लिए यहां सुबह-सुबह पहुंचना बेहतर होता है क्योंकि यहां जल्दी पहुंचने पर बहुत ज्यादा भीड़-भाड़ नहीं मिलती। हरी भरी वादियां होने की वजह से यहां मच्छर एवं अन्य कीट पतंगों के काटने की समस्या का सामना करना पड़ सकता है इसलिए ढके हुए कपड़े पहनें तो ज्यादा बेहतर रहेगा। वैसे तो देवकुंड में खाने-पीने की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन फिर भी पर्याप्त मात्रा में घर का खाना-पीना साथ लेकर चलना स्वास्थ्य के लिए भी यह अच्छा रहता है।
देवकुंड के पानी में अगर आप एंजॉय करना चाहते हैं तो यहां स्वीमिंग जरूर करनी चाहिए परंतु यदि आपको स्वीमिंग नहीं आती है तो गहरे पानी में उतरने के प्रति एहतियात बरतना चाहिए। यहां बारिश अचानक हो जाती है इसीलिए भीगने और सर्दी लग जाने से बचने के लिए रेनकोट साथ रहना अच्छा रहता है। अगर आपको सनसेट देखना पसंद है तो यहां पर शाम को वक्त जरूर गुजारें क्योंकि इस समय में सूरज की लालिमा और आस-पास के खूबसूरत नजारे हमेशा के लिए आपके जेहन में रह जाएंगे। अगर आप तस्वीरें क्लिक करने की शौकीन हैं तो परिवार और दोस्तों के साथ यादगार लम्हों की तस्वीरें आसानी से खींची जा सकती हैं। मुंबई से करीब १२५ किलोमीटर दूर स्थित देवकुंड (माणगांव) जाने के लिए आप बस या निजी वाहनों का प्रयोग कर सकते हैं।