" /> सर्वार्थ सिद्धि का महा संयोग, भाई की उम्र बढ़ाएगी राखी

सर्वार्थ सिद्धि का महा संयोग, भाई की उम्र बढ़ाएगी राखी

विविध धर्म-भाषा और रंग-बिरंगे त्योहारों के लिए मशहूर हिंदुस्थान के लोगों के लिए वर्ष २०२० बेहद फीका-फीका गुजर रहा है। कोरोना के संक्रमण के कारण इस साल त्योहारों की चमक गायब हो गई है। ज्यादातर मंदिर-मस्जिद व दूसरे धार्मिक स्थल बंद पड़े हैं। मजबूरी में लोगों को अब तक कई तीज और त्योहार घर पर ही रहकर मनाने पड़ रहे हैं।
कोरोना के इसी संक्रमण काल में अब भाई-बहन के पवित्र प्रेम का त्योहार रक्षा बंधन मनाया जाएगा। जो कि इस बाद अद्भुत सर्वार्थ सिद्धि योग और आयुष्मान दीर्घायु के दुर्लभ शुभ संयोग में मनाया जाएगा। राखी पर यह अद्भुत महासंयोग पूरे २९ साल बाद बन रहा है, जो काफी महत्वपूर्ण है। ये संयोग काफी खुशियां लेकर आता है क्योंकि ये भाई-बहन की लंबी उम्र का योग है। इतना ही नहीं, इस दिन पूर्णिमा भी होती है। इसके अलावा ज्योतिष जानकार आगे बताते हैं कि ३ अगस्त को चंद्रमा का ही श्रवण नक्षत्र भी है और मकर राशि का स्वामी शनि और सूर्य आपस मे समसप्तक योग बना रहे हैं, शनि और सूर्य दोनों आयु बढ़ाते हैं।
राखी का त्योहार हर साल सावन महीने में आता है। इस बार राखी ३ अगस्त को पड़ रही है, जिसकी हल्की चमक बाजारों में दिख रही है। हालांकि ज्योतिष जानकारों ने इस साल की राखी को बेहद ही महत्वपूर्ण बताया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार राखी के समय भद्रा काल का समय सुबह ९ बजकर २९ मिनट पर खत्म हो जाने के बाद राखी का शुभ मुहूर्त शुरू होगा। सिर्फ भद्रा काल में राखी नहीं बांधनी चाहिए। इसके पीछे रावण की बहन की एक कथा है। माना जाता है कि रावण की बहन ने उसे भद्रा काल में ही राखी बांधी थी। इससे रावण का विनाश हो गया था।
शुभ मुहूर्त
इस बार राखी का शुभ मुहूर्त दोपहर १ बजकर ३५ मिनट से लेकर शाम ४ बजकर ३५ मिनट के बीच का है। वहीं, शाम को राखी बांधनेवालों के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुआत शाम को ७ बजकर ३० मिनट पर होगी। इसके बाद मुहूर्त रात ९.३० के बीच तक रहेगा।