" /> साइबर सेल ने किए 450 मामले दर्ज : 239 लोगों को गिरफ्तार

साइबर सेल ने किए 450 मामले दर्ज : 239 लोगों को गिरफ्तार

लॉकडाउन  के दौरान राज्य में कुछ अपराधी और उपद्रवी प्रवृति के लोग सामाजिक तनाव निर्माण करने की कोशिश से बाज नहीं आ रहे हैं। महाराष्ट्र साइबर सेल ने उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। सोशल मीडिया पर गलत जानकारी और अफवाह फैलानेवालों के खिलाफ राज्य में कुल 450 साइबर अपराध दर्ज किए गए हैं और 239 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साइबर सेल के विशेष पुलिस महानिरीक्षक के मुताबिक राज्य के विभिन्न पुलिस स्टेशनों में कुल 450 दर्ज किए गए हैं। महाराष्ट्र साइबर द्वारा इन सभी अपराधों के विश्लेषण से पता चला है कि 186 मामले आपत्तिजनक व्हाट्सएप संदेशों को अग्रेषित करने के दर्ज किए गए हैं, 180 मामले आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट साझा करने के लिए, 23 मामले टिकटॉक वीडियो साझा करने और ट्विटर के लिए दर्ज किए गए हैं। आपत्तिजनक ट्वीट्स के 8 मामले, इंस्टाग्राम पर गलत पोस्ट करने के 4 मामले, जबकि अन्य सोशल मीडिया (ऑडियो क्लिप, यूट्यूब) के दुरुपयोग के 49 मामले दर्ज किए गए हैं और अब तक 239 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से 107 आपत्तिजनक पोस्ट को हटा दिया गया है। ठाणे शहर के बाजार पेठ पुलिस स्टेशन के अंतर्गत एक नया मामला दर्ज किया गया है। 31 मई को दर्ज मामले को मिलाकर कुल 14 मामले इस परिसर में दर्ज किए गए हैं। इसी प्रकार मुंबई शहर में दर्ज किए गए मामलों की कुल संख्या 26 हो गई है। नए मामले में आरोपियों ने आवश्यक सेवा के लिए जारी किए गए पास को लेकर गलत जानकारी फैलाई थी।
साइबर सेल ने लोगों को जेड-लोडर नामक मैलवेयर से सावधान रहने की अपील की है। वर्तमान में, लॉकडाउन के दौरान, जेड-लोडर नामक एक मैलवेयर हर जगह फैल रहा है। यह मैलवेयर आपके डिवाइस में आपके बैंक खाते के बारे में संग्रहीत सभी जानकारी साइबर हैकर्स को भेजता है। आपको एक ई-मेल मिलता है जिसमें कोरोना महामारी के बारे में संदेश होता है।  जब आप उस जानकारी को पढ़ने के लिए ई-मेल खोलते हैं तो हैकर्स को आपके बारे में जानकारी मिल जाती है। साइबर सेल ने सभी नागरिकों को अजनबियों के संदेश, ई-मेल न खोलने और संलग्नक डाउनलोड न करने की अपील की है। इसके अलावा, लॉकडाउन के कारण कंपनियां नौकरी में कटौती कर रही हैं। इसलिए कई हैकर नौकरी का ऑफर देकर फंसाने का काम कर रहे हैं। साइबर सेल ने उसके सभी मामलों में सावधानी बरतने की अपील की है। किसी भी मुफ्त इंटरनेट कनेक्शन का उपयोग करने से बचने की सलाह दी गई है।