सात साल में सेंसेक्स होगा एक लाख के पार

मुंबई शेयर बाजार के सेंसेक्स में कल आई गिरावट के कारण भले ही हाहाकार मच गया हो लेकिन यही सेंसेक्स आगामी सात साल में एक लाख के अंक को पार कर जाएगा। आज भले ही यह असंभव लग रहा है पर कई ऐसे कारण हैं, जिनके चलते अगले पांच से सात वर्ष में सेंसेक्स में सकारात्मक उछाल देखने को मिलेगा। ऐसा दावा कार्वी इंडिया के २०१८ के वेल्थ रिपोर्ट में किया गया है। हिंदुस्थान में ३५ साल की उम्रवाले लोगों की संख्या ७० प्रतिशत है, जो कमाने के साथ ही खर्च भी करती है। इससे खपत के साथ मांग को बढ़ावा मिलेगा। इसका सकारात्मक असर एफएमसीजी तथा उत्पादन क्षेत्र पर होगा। इससे हिंदुस्थान की अर्थव्यवस्था ७ से ८ प्रतिशत तक पहुंचने में मदद मिलेगी।
इतना ही नहीं बैंकों के ३ लाख करोड़ रुपए जो एनपीए खाते में हैं उनकी समस्या हल होने की संभावना भी बढ़ने लगी है। ऐसे में २०२५ तक सेंसेक्स १,०१,१७०.५ अंक तक पहुंच सकता है। अगले साल में सेंसेक्स के ४०,६७८.४७ अंक तक जाने की संभावना इस रिपोर्ट में जताई गई है।
इंडिया वेल्थ रिपोर्ट २०१८ की रिपोर्ट बताती है कि देश में व्यक्तिगत परिसंपत्ति कुल ३९२ लाख रुपए है। इसमें डायरेक्ट इक्विटी शीर्ष स्थान पर जिसमें लोगों ने फिक्स डिपॉडिट पर अधिक जोर दिया है। अनुमान यह भी है कि देश में व्यक्तिगत वित्तीय संपत्ति १६ प्रतिशत सालाना की दर से बढ़ते हुए २०२३ तक ५१७.८८ लाख करोड़ रुपए हो जाएगी। डायरेक्ट इक्विटी तथा म्यूचुअल फंड अगले पांच वर्ष में क्रमश: २४.४१ तथा २१.०४ प्रतिशत की दर से बढ़ते हुए अग्रणी बने रहेंगे।
व्यक्तिगत संपत्ति में १४.०२ प्रतिशत की वृद्धि होने की बात बताते हुए भावी प्राइवेट वेल्थ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अभिजीत भावे ने बताया कि अगले तीन साल बाद यानी २०२१ तक सेंसेक्स ५२,९७३.१३ अंक तक पहुंच सकता है। पांच साल बाद २०२३ में सेंसेक्स ७१,४४३.०९ के अंक तक पहुंच जाएगा और २०२५ में सेंसेक्स १,०१,१७०.५ अंक को पार कर जाएगा।