सामूहिक हत्याकांड में भाजपा विधायक को उम्र कैद

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हमीरपुर के भाजपा  विधायक माफिया सरगना अशोक सिंह चंदेल सहित दस लोगों को सामूहिक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई, एक आरोपी की मौत होने के कारण यह सजा नौ लोगों पर लागू होगी।

26 जनवरी 1997 में हमीरपुर के कस्बे में आमने-सामने हुआ विवाद गोलीकांड में बदल गया था। जिसमे एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत हो गयी थी, जिसमें एक नौ वर्ष का बालक भी था। इस घटना के बाद पूरा जिला थर्रा गया था। 22 साल पुराने मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ ने आरोपित दस लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति डीके सिंह की खंडपीठ ने दिनदहाड़े हुए इन हत्याओं के मामले में  जिन पर दोष सिद्ध हुआ उनमें भाजपा से सदर विधायक है अशोक सिंह चंदेल, रघुवीर सिंह, आशुतोष सिंह उर्फ डब्बू, साहब सिंह ,भान सिंह, प्रदीप सिंह, उत्तम सिंह , श्याम सिंह का नाम शामिल हैं।

इस संदर्भ में पीड़ित पक्ष के राजीव शुक्ला ने दोपहर का सामना को बताया कि अभी मैं प्रयागराज  संगम पर हूँ। आज हनुमानजी की जयंती है संगम किनारे लेटे हुए हनुमानजी का दर्शन कर रहा हूँ। बस यही तसल्ली है कि न्याय मिला भले 22 साल बाद मिला है।

इस मामले में निचली अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया था। बरी करने वाले जज अश्विनी कुमार जांच के बाद बर्खास्त कर दिए गए थे। बाद में राज्य सरकार निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी। जबकि पीड़ित राजीव शुक्ला ने भी एक अलग अपील दाखिल की थी। इस मामले में कार्रवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित कर लिया था। सजा पाए अशोक चंदेल से दोपहर का सामना ने बात करने की कोशिश की परंतु  बात नहीं हो पाई लेकिन उनका मोबाइल उठाने वाले ने कहा कि यह फैसला अंतिम नहीं है, हम ऊपर की अदालत में अपील करेंगे।