" /> सालों बाद रिसा जख्म

सालों बाद रिसा जख्म

कितना कठिन होता है अपने दर्द को दबाए वर्षों चुप बैठना। जी हां, गुंडप्पा विश्वनाथ को हिंदुस्थान के महान बल्लेबाजों में गिना जाता है। मगर जो कुछ उनके करियर में हुआ उसकी टीस आज तक बनी हुई है। अपनी कलात्मक बल्लेबाजी के लिए मशहूर इस बल्लेबाज की तकनीक का हर कोई कायल हुआ करता था, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ एक खराब सीरीज के बाद इस बल्लेबाज को टीम से बाहर कर दिया गया। विश्वनाथ ने कहा है कि कपिल देव ने उस समय उनसे कहा था कि `चयनकर्ता अब शायद तुम्हें नहीं चुनेंगे।’ विश्वनाथ ने एक शो पर कहा कि जब मुझे टीम से बाहर कर दिया गया तो मैं काफी निराश था। उस समय, मैंने तीन पारियों में गलत पैâसले लिए थे। यह खेल का हिस्सा है, लेकिन ऐसी स्थिति में दो पारियों में अगर मैं स्कोर कर देता तो वह मुझे टीम से बाहर नहीं करते। जब मुझे टीम से बाहर किया गया, तब तक कपिल को कप्तान नियुक्त नहीं किया गया था, लेकिन सबको इसके बारे में पता था कि वह ही कप्तान बनने वाले हैं। उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे लगता है कि वो लोग तुम्हें अब टीम में नहीं चुनेंगे। और वाकई कुछ बाद में ऐसा ही हुआ। १९६९ में टीम इंडिया के लिए टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले गुंडप्पा विश्वनाथ ने हिंदुस्थान के लिए ९१ टेस्ट खेले। इस दौरान विश्वनाथ के बल्ले से ६,०८० रन निकले। टेस्ट में विश्वनाथ के नाम १४ शतक और ३५ अर्धशतक हैं। वहीं फर्स्ट क्लास करियर में उनके नाम १७,९७० रन हैं, जिसमें ४४ शतक और ८९ अर्धशतक शामिल हैं।