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सिंधिया को चाहिए रेल मंत्रालय!

कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने जा रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया की इच्छा है कि केंद्र में उन्हें रेल मंत्री का पद दिया जाए। करीब ४५ दिनों से भाजपा के साथ उनकी बातचीत जारी थी। मगर रेल मंत्रालय पर बात बन नहीं रही थी। फिलहाल रेल मंत्रालय पीयूष गोयल के पास है। गृह, वित्त और रक्षा के बाद रेल मंत्रालय चौथा महत्वपूर्ण मंत्रालय है। क्या किसी दूसरे दल से आए व्यक्ति को इतना महत्वपूर्ण मंत्रालय देना ठीक रहेगा? इससे देश में संदेश क्या जाएगा? आदि बातों पर भाजपा में भी काफी मंथन हुआ है। हालांकि सिंधिया और भाजपा के बीच रेल मंत्रालय पर सहमति बनी या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि अगर रेल मंत्रालय नहीं मिला तो भी सिंधिया को कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय ही दिया जाएगा क्योंकि उन्होंने मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार को गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है इसलिए उन्हें इनाम भी उसी स्तर का मिलेगा।
कल होली के दिन जब सभी रंग खेलने के मूड में थे तब दिल्ली के सियासी गलियारों में एक अलग ही होली की तैयारी चल रही थी। सिंधिया पहले गृहमंत्री अमित शाह से मिले और उसके बाद पीएम नरेंद्र मोदी से एक मुलाकात हुई जो एक घंटे तक चली। इसके बाद बस औपचारिकताएं ही शेष रह गई थीं। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की राजनीति में हाशिए पर धकेले जाने से नाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया के बारे में पिछले काफी समय से खबरें आ रही थीं कि वे कांग्रेस को छोड़ भाजपा का दामन थाम सकते हैं। कल सिंधिया ने पीएम मोदी से मुलाकात के बाद अपना इस्तीफा कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजा। कुछ ही देर में यह इस्तीफा वायरल हो गया और सोशल मीडिया में छा गया। हालांकि कल मंगलवार शाम ही उनके भाजपा में शामिल होने की चर्चा थी लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो पाया है। अब कहा जा रहा है कि सिंधिया आज बुधवार को भाजपा में शामिल होंगे।