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सिंधु का टर्निंग पॉइंट

हर खिलाड़ी का एक ऐसा टर्निंग पॉइंट होता है जो उनके करियर तथा उनके जीवन को ही बदल देता है। बैडमिंटन की शिखर महिला खिलाड़ी पीवी सिंधु का भी एक टर्निंग पाइंट था और अपने इसी पॉइंट का खुद उन्होंने खुलासा किया। सिंधू ने टेबल टेनिस खिलाड़ी मुदित दानी से उनके ऑनलाइन कार्यक्रम ‘इन द स्पॉटलाइट’ में कहा कि जब मैंने खेलना शुरू किया तो मैं अच्छा प्रदर्शन कर रही थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर उस तरह का नहीं था। मैं पहले दौर, क्वालीफार्इंग दौर में हार जाती। मुझे अहसास हुआ कि मुझे बेहतर खेल दिखाना होगा और तब मैंने कड़ी मेहनत शुरू की। उन्होंने कहा कि मुझे हार पर दुख होता और मैं सोचती थी कि मैं क्या गलतियां कर रही हूं। मैं अन्य की तरह कड़ी मेहनत कर रही थी। सिंधू ने कहा कि मेरे करियर का टर्निंग प्वाइंट वह था जब २०१२ में मैंने ली झूरेई को हराया। उस समय वह ओलंपिक चैंपियन थी। इसके बाद मैंने अतिरिक्त मेहनत की। मैंने कदम दर कदम, साल दर साल सुधार किया।