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सिनेमा दर्शन का बदलेगा सीन!

कोरोना की पार्श्वभूमि में मल्टीप्लेक्स वालों ने बनाया प्रारूप
नजर आएंगे मास्क, सैनिटाइजर और डिजिटल ट्रांजैक्शन
दर्शकों की सीटों के बीच होगा गैप
गेट पर होगी थर्मल स्क्रीनिंग
सीटों की होगी डीप क्लीनिंग

लॉकडाउन का सबसे बुरा असर सिनेमा उद्योग पर पड़ा है। पिछले सवा २ महीने से मल्टीप्लेक्स बंद हैं। इससे न कोई नई फिल्म रिलीज हो पाई है और न ही दर्शक थिएटर में जा पाए हैं। अनुमान है कि इससे अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये का बॉक्स ऑफिस पर नुकसान हो चुका है। लॉकडाउन खुलने के बाद क्या दर्शक थिएटर में आएंगे? इसी लेकर मल्टीप्लेक्स में बेचैनी का आलम है। कोरोना वायरस ने मनुष्य को मनुष्य से ही अछूत बना दिया है। इसी को देखते हुए हाल ही में मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने सुरक्षा मानक का एक प्रारूप तैयार किया है और इसे केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के साथ ही सभी राज्य सरकारों को भी भेजा है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन का कहना है कि अगर भविष्य में लॉकडाउन के बाद मल्टीप्लेक्स खोलते हैं तो वह आगामी २ महीने तक इन नियमों का कड़ाई से पालन करेंगे ताकि दर्शक सिनेमा देखने के लिए थिएटर में आएं और इस दौरान कोई परेशानी महसूस ना करें।
मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने जो प्रारूप तैयार किया है उसके अनुसार मल्टीप्लेक्स में कैश में टिकटों की खरीद बिक्री की बजाय डिजिटल ट्रांजैक्शन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके साथ ही दर्शक जब मल्टीप्लेक्स में आएंगे तो सबसे पहले उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की जाएगी और सुरक्षित पाए जाने के बाद ही उन्हें थिएटर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी। दर्शकों को मास्क पहनना अनिवार्य रहेगा। दर्शकों की सुरक्षा के लिए मल्टीप्लेक्स के सभी कर्मचारियों का मेडिकल परीक्षण अनिवार्य रहेगा। मेडिकली फिट पाए जाने पर ही वे अपनी ड्यूटी कर पाएंगे। सभी कर्मचारियों को मास्क और ग्लव्स अनिवार्य रहेगा। पूरा सिनेमा हॉल सैनिटाइज किया जाएगा। डेली बेसिस पर इसके अलावा सिनेमाघर में सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया जाएगा। दर्शकों को ६ फुट की दूरी पर रखकर इंट्री दी जाएगी। वॉशरूम में हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी। थिएटर के अंदर अगर एक परिवार या ग्रुप के सदस्य हैं तो वह एक साथ बैठ सकते हैं, नहीं तो दर्शकों के बीच खाली सीटें छोड़ी जाएंगी ताकि सोशल डिस्टेंसिंग मल्टीप्लेक्स में भी मेंटेन रहे। दर्शकों की सीट की डेली डीप क्लीनिंग की जाएगी। खाने-पीने के सामान के लिए बाहर काउंटर पर जाने की बजाय ऐप की व्यवस्था होगी जिससे दर्शक अपनी सीट पर ही खाने का सामान ऑर्डर कर सकें। मल्टीप्लेक्स के सभी कर्मचारियों के लिए उनके फोन में आरोग्य सेतु एप रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा अगर कोई ३डी की फिल्म रिलीज होती है तो ३डी का जो चश्मा है वो सिंगल यूज़ यानी यूज एंड थ्रो का होगा। बता दें कि इस समय देश में करीब ३,००० मल्टीप्लेक्स स्क्रीन हैं और कुल रेवेन्यू का ५५ से ६०ज्ञ् मल्टीप्लेक्स से ही आता है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन का कहना है कि अगर सरकार से मल्टीप्लेक्स शुरू करने की अनुमति मिलती है तो इन नियमों को कड़ाई से तो लागू किया ही जाएगा और २ महीने बाद फिर इसका रिव्यू किया जाएगा।