सेमी एसी लोकल का आइडिया फ्लॉप!

लोकल ट्रेन से गिरकर होनेवाली मौत की घटना को रोकने के लिए रेलवे ने सेमी एसी लोकल का जो आइडिया लाया था वह फेल होता दिख रहा है। पहली बार सेमी एसी लोकल ट्रेन की बात की गई थी, जिसमें ६ डिब्बे सामान्य और ६ डिब्बे एसी लोकल की योजना बनी थी। रेलवे का इरादा था कि एक ही लोकल में सामान्य और प्रीमियम दोनों यात्री सफर कर सके लेकिन रेलमंत्री पीयूष गोयल ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह आइडिया फिलहाल ठीक नहीं है।
जल्दी होगी सप्लाई
इंडिग्रल कोच पैâक्ट्री (आईसीएफ) में एसी लोकल ट्रेनों का निर्माण शुरू है और उम्मीद है कि जल्दी ही ७ एसी लोकल पश्चिम और मध्य रेलवे पर आनेवाली हैं। इन्हीं ७ लोकल ट्रेनों से १४ सेमी एसी लोकल बनाने का इरादा था। इन ट्रेनों के पुर्जे हैदराबाद की कंपनी मेधा सप्लाई कर रही है।
इसकी पहली ट्रेन जल्दी ही पहुंच रही है, जबकि बाकी की सप्लाई मई से नियमित हो जाएगी।
समय ज्यादा, फायदा कम
एसी लोकल सामान्य लोकल के मुकाबले ३५ सेकेंड ज्यादा समय तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी होती है क्योंकि इस ट्रेन के दरवाजे खुलने और बंद होने में भी वक्त लगता है। इसी ऑपरेशन के कारण पश्चिम रेलवे को सामान्य लोकल में बंद दरवाजेवाले सिस्टम को रोकना पड़ा था। एक अधिकारी ने बताया कि यदि सेमी एसी लोकल भी चलेगी, तो उसके ठहराव में उतना ही समय लगना है जितना एसी लोकल में लगता है तो पूरी एसी लोकल चलाना ही उचित रहेगा।

‘पहले हमने सेमी लोकल चलाने की योजना बनाई थी लेकिन तकनीकी पहलुओं को देखने के बाद अब दोबारा सोचना होगा। अब देखना होगा कि ये आइडिया कारगर होगी या नहीं।’
-पीयूष गोयल, रेलमंत्री

‘सेमी एसी लोकल की योजना यात्रियों को विकल्प देगी लेकिन अब इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है तो मुंबईकरों का ही नुकसान होगा। एसी लोकल का इस्तेमाल करनेवाले बहुत कम यात्री होंगे।
-सुभाष गुप्ता, अध्यक्ष (रेल यात्री परिषद)