सैटेलाइट ने बताया सब ठीक नहीं है!

एक दोस्त को छोड़ने के लिए दूसरा दोस्त अपनी गाड़ी लेकर उसके घर येऊर तक तो गया पर वापस अपने घर नहीं लौट पाया। पति की वापसी के इंतजार में अपने मायके लोकमान्य नगर में बैठी पत्नी उस समय और परेशान हो उठी, जब पति उसे लेने तय समय पर नहीं पहुंचा। इसके बाद पत्नी ने कई बार अपने पति को फोन किया। हर बार फोन की घंटी तो बजती पर पति फोन नहीं उठा रहा था। ऐसे में पत्नी बेचैन हो उठी और उसने पति की कार में लगे सैटेलाइट से संचालित होनेवाले जीपीएस को ट्रैक करना शुरू किया तो उसे उसके मोबाइल फोन पर पता चला कि पति के साथ ‘सब ठीक नहीं है।’ दरअसल, जीपीएस ट्रैकिंग के दौरान पत्नी को पता चला है कि उसके पति की कार घोडबंदर की तरफ मुल्लाबाग बस स्टॉप के पास है। यह जानकारी मिलते ही बेचैन पत्नी ने तुरंत मदद के लिए फायर ब्रिगेड से गुहार लगाया। फायर ब्रिगेड के जवान मदद के लिए घटनास्थल पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद वहां खुदे पड़े एक बड़े गड्ढे से उन्होंने कार को बाहर निकाला। कार में उन्हें एक जख्मी शख्स मिला जिसे उन्होंने तुरंत अस्पताल पहुंचाया। वहां अस्पताल में भर्ती करने से पहले ही डॉक्टर ने उस शख्स को मृत घोषित कर दिया। मृत व्यक्ति सचिन काकोडकर की सूचना पुलिस और फायर ब्रिगेड ने जब उसकी पत्नी को दिया तो उसकी आंखों से आंसुओं की धारा बह निकली।
शहरों में अक्सर सड़क के बीचोंबीच या किनारे गड्ढे खुदे मिलते हैं। कभी सीवेज के लिए तो कभी गटर का पाइप डालने के लिए तो कभी किसी और काम के लिए। मगर गड्ढे खोदने के बाद ठेकेदार अक्सर लापरवाही करते हैं। वे सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज करते हैं। इसका कितना खौफनाक परिणाम हो सकता है, यह ठाणे शहर में हुई एक हृदय विदारक दुर्घटना से पता चलता है। आधी रात को एक युवक अपनी कार के साथ एक गड्ढे में समा गया। जब तक इसके बारे में पता चल पाता और उसे बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, उसके प्राण पखेरू उड़ गए।
ठाणे के आकाशगंगा कॉम्प्लेक्स परिसर के चिम बिल्डिंग में रहनेवाले सचिन काकोडकर (३७) अपने दोस्त को उसके घर छोड़कर वापस लौट रहे थे। नीलकंठ ग्रीन्स से घोडबंदर रोड की ओर जाते समय मुल्ला बाग बस डिपो के पास सचिन की अर्टिगा कार सड़क किनारे खुदे गड्ढे में गिर पड़ी। यह घटना बुधवार तड़के करीब साढ़े ४ बजे के पास घटी। चितलसर मानपाड़ा पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणपत पिंगले के मुताबिक जिस गड्ढे में सचिन की कार गिरी, वह ठाणे मनपा प्रशासन द्वारा ड्रेनेज लाइन के लिए खोदी गई थी। कार इस गड्ढे में इस तरह फंसी थी कि इसे निकालने में पुलिस और फायर ब्रिगेड को करीब ४५ मिनट का समय लग गया। इस हादसे की सूचना भी फायर ब्रिगेड को सचिन की पत्नी श्वेता से मिली थी। श्वेता ने अपने पति की कार को कार में लगे जीपीएस ट्रैकिंग प्रणाली से ट्रैक किया था और उसकी लोकेशन की जानकारी उसने फायर ब्रिगेड को दी थी। प्राथमिक जांच में इस हादसे में ठेकेदार की लापरवाही की बात सामने आ रही है। ड्रेनेज लाइन के लिए खोदे गए गड्ढे के इर्द-गिर्द ठेकेदार ने कोई सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए थे। ४० फीट चौड़ी इस सड़क पर खोदे गए गड्ढे के इर्द-गिर्द ठेकेदार ने महज वायर रूपी बैरिकेट्स लगाए थे। रात के समय वाहन चालकों को इस गड्ढे के बारे में पता चल सके इसके लिए रेडियम रिफ्लेक्टर लगाया जाता है लेकिन ठेकेदार ने इसे भी अनदेखा कर दिया। फिलहाल पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ का मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू है।