" /> सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ईद की नमाज पढ़ने की दो परमिशन : भिवंडी के मौलानाओं ने की पुलिस से संयुक्त मांग

सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ईद की नमाज पढ़ने की दो परमिशन : भिवंडी के मौलानाओं ने की पुलिस से संयुक्त मांग

कोरोना के मद्देनजर बंद हैं सभी मस्जिद, दरगाह व मजार

सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ईद पर मस्जिदों में नमाज पढ़ने की इजाजत देने की मांग भिवंडी की तमाम मस्जिदों के ट्रस्टियों व मौलानाओं ने पुलिस महकमे से की है। उक्त लोगों ने कहा है कि नमाज पढ़ते समय सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
ठाणे पुलिस आयुक्त विवेक फसणकर को दिए ज्ञापन में भिवंडी के नौ मौलानाओ ने संयुक्त हस्ताक्षरयुक्त पत्र में कहा है कि देश में कोरोना वायरस फैलने के कारण देश में लॉकडाउन घोषित किया गया है, जिसके कारण मस्जिदों में भीड़ होने की वजह से नमाज पर पाबंदी लगाई है, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन हो सके और रोग के संक्रमण बढ़ने पर नियंत्रण भी पाया जा सके। सरकार के इस फरमान का मुस्लिम समुदाय ने पूरी तरीके से पालन किया। ठाणे पुलिस आयुक्त को भेजे गए ज्ञापन में मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बताया कि ईद का त्यौहार आनेवाला है, जो कि साल में एक बार आता है और मुस्लिम समुदाय के साथ-साथ अन्य समाज के लोगों में इसका बहुत महत्व है। भिवंडी शहर सदैव अमन और शांति का संदेश देता रहा है। पिछले तमाम वर्षों से सांप्रदायिक भेदभाव से ऊपर उठकर देशभर में अपनी एक मिसाल कायम किया है। यदि शासन, प्रशासन नीचे लिखे गए मुद्दों पर गंभीर रूप से विचार करके इस पवित्र कार्य में आगे आकर सहयोग दिया तो प्रदेश में एक अच्छा उदाहरण बन सकता है। ईद गहन इबादत का समय है, ऐसे में मुस्लिम समुदाय चिंता से पीड़ित है। ईद की नमाज साल में एक बार पढ़ी जाती है और देश कोविड-19 जैसी महामारी से जूझ रहा है, ऐसे कठिन समय में देशहित में सामूहिक दुआएं भी होंगी। ईद की नमाज का मुस्लिम समुदाय के लोगों में बहुत बड़ा धार्मिक महत्व है, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ईद के त्यौहार पर ईदगाह और मस्जिदों में ईद की नमाज पढ़ना आवश्यक है। उक्त सभी धार्मिक नियमों को ध्यान में रखते हुए गंभीरता से विचार कर तत्काल रूप से कार्रवाई करते हुए भिवंडी शहर में सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन करते हुए ईद की नमाज ईदगाह व मस्जिदों में पढ़ने की परमिशन देने का कष्ट करें। देश में बढ़ते कोरोना के मरीजों के मद्देनजर भिवंडी में शब-ए-बारात यहां के सभी कब्रिस्तानों सहित मजारों और मस्जिदों के गेटों को लॉक करने के साथ ही मुख्य द्वार को बांस-बल्ली और बैरिकेटिंग लगाकर पुलिस ने बंद कर दिया गया था, जो बदस्तूर जारी है।