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सोशल डिस्टेंसिंग के साथ शहर में चलेंगी ऑटो-टैक्सी : हजारों ड्राइवर कर चुके हैं पलायन

31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है लेकिन इस बार कई क्षेत्रों में जोन के हिसाब से रियायत भी दी गई है। सबसे राहत की बात है कि मुंबई में ओला-ऊबर जैसी प्राइवेट टैक्सी सर्विस और ऑटो-टैक्सी सर्विस चल सकेंगी। हालांकि इसे सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए ऐसा किया जाएगा। चार पहिया टैक्सी में ड्राइवर के अलावा दो यात्री जबकि तीन पहिया ऑटो में ड्राइवर के अलावा एक यात्री को अनुमति दी गई है। टैक्सी चलाने के लिए इस तरह की छूट रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में एक जैसी होगी।

ड्राइवर की कमी
पिछले कुछ दिनों में लॉकडाउन के दौरान मुंबई से हजारों की संख्या में टैक्सी-ऑटोवाले पलायन कर चुके हैं। इसके अलावा ऐप बेस्ड टैक्सी सर्विस को भी ड्राइवर नहीं मिल रहे हैं। ताड़देव से टैक्सी चलानेवाले ड्राइवर घनश्याम गुप्ता ने बताया कि पेट भरने के लिए टैक्सी चलाना जरूरी है लेकिन मुंबई में जिस तरह से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं उससे डर लग रहा है।

सेनिटाइजेशन बड़ी परेशानी
ऑटो-टैक्सीवालों की सबसे बड़ी शिकायत है कि ऐप बेस्ट टैक्सीवालों को तो उनकी कंपनी सेनिटाइजेशन करा देती है लेकिन काली-पीली को कौन कराएगा। रोजाना का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है और अगर एक बार टैक्सी सड़क पर निकालो तो मालिक दिनभर का किराया लेता ही है।

लॉकडाउन 4 के नियमों की व्याख्या करते हुए गृह मंत्रालय ने ऑटो-टैक्सी को नियमों के तहत चलाने की छूट दी है। इसके अलावा सभी जोन में बाइक पर भी दो सवारी की छूट दी गई है। हालांकि, नाइट कर्फ़्यू के दौरान ऑटो-टैक्सी के परिचालन पर रोक रहेगी। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के बावजूद राज्य सरकार के नियमों में फेरबदल की छूट दी गई है।

सार्वजनिक परिवहन सेवाएं
नई गाइडलाइन में इंटर-स्टेट बस सर्विस की भी छूट दी गई है। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा। राज्यभर में जल्द ही लोगों की सामान्य आवाजाही के लिए बस सेवाएं बहाल की जाएंगी। इसके अलावा दो राज्यों की सहमति होती है, तो इंटर स्टेट बस सर्विस भी शुरू की जा सकती है।