सौतन नहीं बन पाई तो बन गई हत्यारन

अपने ग्राहक या यूं कहें कि अपने प्रेमी को टार्गेट करने के कई मामले मुंबई पुलिस की फाइलों में दर्ज हैं, जिनमें सबसे चर्चित माहिम का हत्याकांड है। इस हत्याकांड ने जहां पूरे परिवार को तबाह कर दिया, वहीं बारबालाओं की चाहतें कितनी खतरानक होती हैं, ये भी दिखा दिया। बारबाला के इस प्रेमकांड या यूं कहा जाए कि हत्याकांड को पुलिस उपायुक्त संदीप विश्नोई, सहायक पुलिस आयुक्त जांभुलकर और माहिम पुलिस थाने के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक आनंद चव्हाण के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक राजन पिल्ले जो आज हमारे बीच नहीं हैं, ने हल किया था। पुलिसिया जांच में जब मामला सामने आया तो ये पता चला कि बारबाला नीतू सिंह की लत ने व्यापारी राजकुमार गुप्ता का परिवार बर्बाद कर दिया। नीतू सिंह द्वारा कई विवाह करने का भी पर्दाफाश हुआ। नीतू सिंह ऐसी बारबाला थी जो पहले ग्राहकों को अपने जाल में फंसाती थी, उसके बाद उनके साथ हमबिस्तर होती और फिर उन्हें ‘मैं तुम्हारे बच्चे की मां बननेवाली हूं’ कहकर ब्लैकमेल करती। माहिम पुलिस को माहिम कपड़ा बाजार स्थित क्षितिज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर एक महिला की हत्या और लूटपाट की जानकारी मिली। पुलिस को वहां पर कमला गुप्ता की खून से लथपथ लाश मिली। पुलिस अधिकारी राजन पिल्ले को जांच में यह पता चला कि राजकुमार का अफेयर डांस बार में काम करनेवाली नीतू सिंह से चल रहा था। जब राजकुमार की पत्नी गांव गई थी तब राजकुमार उसे अपने घर भी लाता था। नीतू, राजकुमार पर पत्नी को तलाक देकर उससे शादी करने का दबाव बना रही थी। जब राजकुमार नहीं माना तो उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर राजकुमार की पत्नी कमला गुप्ता की हत्या कर दी और घर में लूटपाट कर फरार हो गई और इस तरह बारबाला के चक्कर में पूरा परिवार तबाह हो गया। मतलब नीत सौतन तो बन नहीं पाई बल्कि हत्यारन बन गई।