स्पीड टेस्ट ट्रायल में फेल हुई `राजधानी!’

मुंबई सेंट्रल से छूटनेवाली १२९५१ मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस डबल इंजन पुश-पुल तकनीक के ट्रायल लगातार हो रहे हैं, हर बार ये ट्रेन ४० मिनट पहले अपने गंतव्य स्थान पर पहुंच जाती थी। परंतु हाल ही में इस ट्रेन की समय सारिणी में किए गए बदलाव के बाद जब इस ट्रेन का ट्रायल रन किया गया तो स्पीड टेस्ट ट्रायल रन में राजधानी एक्सप्रेस फेल हो गई।
बदलाव की थी ये वजह
पश्चिम रेलवे द्वारा डबल इंजन पुश-पुल ट्रायल के लिए पहली बार राजधानी के समय में परिवर्तन किया गया और इसे मुंबई सेंट्रल से अपने निर्धारित समय के बजाय ४० मिनट विलंब से रवाना करने का निर्णय लिया गया। क्योंकि  इससे पहले हुए सभी ट्रायल इसके निर्धारित समय पर ही हुए थे ,जिससे राजधानी आधे घंटे से ४० मिनट पहले गंतव्य स्थान पर पहुंच जाती थी। भारतीय रेल समय सारिणी के हिसाब से अन्य ट्रेनों को समस्याएं होती थीं, इसलिए परिचालन अधिकारियों ने यही ४० मिनट कंज्यूम करने के लिए इसे विलंब से छोड़ने का पैâसला लिया।
फेल हो गया ट्रायल
शनिवार को मुंबई सेंट्रल से १२९५१ मुंबई सेंट्रल-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को उसके निर्धारित समय शाम पांच बजे की बजाय शाम ५.४० बजे का शेड्यूल तैयार किया गया लेकिन यह ट्रेन सूरत समेत सभी अगले स्टेशनों पर अपने तय समयानुसार पहुंचे इसके लिए डबल इंजन पुश-पुल तकनीक के आधार पर राजधानी के आगे ६-६ हजार हॉर्स पावरवाले डब्ल्यूएपी ७ इलेक्ट्रिक लोको ३०४७३ और पीछे डब्ल्यूएपी ७ इलेक्ट्रिल लोको  ३०५२७ जोड़ा गया ताकि सूरत शाम ७.५३ बजे ही पहुंचे। साथ ही अन्य स्टेशनों पर भी अपना निर्धारित समय बचा ले लेकिन मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर शाम ५.३० बजे पीछेवाले इंजन में समस्या आ गई उसमें अगले इंजन से जुड़नेवाला कम्युनिकेशन सिस्टम फेल हो गया और लोको डेड कर दिया गया। जिससे राजधानी को केवल ६ हजार हॉर्स पावर की ही ताकत मिल सकी और ये ट्रेन सूरत स्टेशन रात ८.४१ बजे पहुंची। जबकि अगले दिन दिल्ली सुबह ८.३५ के बजाय सुबह ९.०२ मिनट पर पहुंची और इस ट्रायल को फेल माना गया। इंजन डेड होने से एक दिसंबर को दिल्ली से मुंबई के लिए वापसी में भी होनेवाला ट्रायल नहीं हो सका।
जुलाई से लागू करना है ये स्पीड
उल्लेखनीय है कि स्पीड अप ट्रायल को राजधानी एक्सप्रेस में अगले साल जुलाई से लागू करना है क्योंकि भारतीय रेल की समय सारिणी में पूरी तरह से बदलाव किया जाएगा। ताकि स्पीड अप टाइम को एडजस्ट किया जा सके। पश्चिम रेल की योजना है कि ट्रेन के बिफोर पहुंचने की समस्या को निपटाने के लिए इसकी समय सारिणी को मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर रिशेड्यूल कर दिया जाए और इसे ४० मिनट विलंब से चलाया जाए। रिशेड्यूल ट्रायल करने का पैâसला पहले ट्रायल में फेल रहा और पिछल इंजन डेड होने से ट्रेन पूरी ट्रिप में लेट हो गई। अधिकारियों ने अभी ये स्पष्ट नहीं किया कि अब इसका दोबारा टाइमिंग रिशेड्यूल करके कब ट्रायल करेंगे? उधर आरडीएसओ ने भी पश्चिम रेल से राजधानी एक्सप्रेस के ट्रायल रिपोर्ट को देखकर समय संशोधन करने को कहा था, तभी ये स्पीड लागू हो सकेगी।