स्मार्टफोन के बाद स्मार्ट बच्चे, चीनी लैब करेगा चमत्कार

चीन अपने उत्पादकों को लेकर दुनिया में अग्रणी बना हुआ है। चाहे इलेक्ट्रॉनिक आइटम हो या फिर कपड़े और जूते सभी क्षेत्र में नए उत्पाद बनाने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहता है। नार्मल मोबाइल से स्मार्टफोन बनाने के बाद अब चीन स्मार्ट बच्चे भी बना रहा है। जी हां, यह चमत्कार चीनी लैब में मनुष्य के जीन के साथ हेर-फेर कर किया जा रहा है। चीनी वैज्ञानिक समय-समय पर विचित्र अनुसंधान कर विज्ञान जगत में हलचल मचाते रहते हैं। ऐसा ही एक खोज मानव निर्माण को लेकर किया है। मनुष्य के शरीर में पाए जानेवाले जीन में छेड़छाड़ कर चीन ने एक ऐसी जुड़वां बच्चियां पैदा की हैं जिनका दिमाग आम बच्चों की अपेक्षा में तीव्र गति से विकसित होना पाया गया है। हालांकि दुनियाभर के वैज्ञानिकों ने चीन के वैज्ञानिक के इस अनुसंधान की आलोचना की है।

बता दें कि चीन में पैदा हुई जुड़वां बच्चियों के नाम लुलू और नाना हैं। इनके जन्म के पहले ही उनके जीनों को बदला गया था। यह काम चीन के वैज्ञानिक हेई जियानकुई ने किया था। उन्होंने जीन में बदलाव करने की जानकारी भी दी थी। चीनी वैज्ञानिक ने स्पष्ट किया था कि वे सिर्फ एचआईवी वायरस के संक्रमण से बचाने के लिए बच्चों के जीन में यह बदलाव उनके जन्म के पहले किया था।
पिछले वर्ष दोनों जुड़वां बच्चियों का जन्म हुआ है। अब पाया जा रहा है कि दोनों की दिमाग शक्ति औसत इंसान से अधिक विकसित हो रही है। वैज्ञानिक इस बदलाव पर ध्यान रखे हुए हैं क्योंकि एक संभावना पहले ही जतायी गयी थी कि इस किस्म के जीनों के बदलाव की वजह से दिमागी पक्षाघात के शिकार होने वाले रोगियों में भी जीन परिवर्तन की वजह से सक्षम जीवन पाने के अधिक अवसर होते हैं। अब जीन में हुए फेरबदल के बारे में जो तथ्य सामने आए हैं, उनके मुताबिक सीसीआर५ नामक जीन को बदला गया है। यह जीन इंसानी दिमाग पर काम करता है। दूसरी तरफ एचआइवी वायरस के शरीर में सक्रिय होने के लिए भी इसी जीन की जरूरत पड़ती है। एचआइवी वाइरस को रोकने के लिए इस जीन में किया गया बदलाव अब दूसरा असर दिखाने लगा है। इस जीन बदलाव का मुद्दा अब भी चीनी वैज्ञानिक को आलोचना के घेरे में रखे हुए है। दूसरी तरफ लॉस एंजिल्स के वैâलिफोर्निया विश्वविद्यालय के न्यूरो बॉयोलॉजिस्ट एल्सिनो सिल्वा मानते हैं कि डॉ जियानकुई ने शायद बेहतर मस्तिष्क की क्षमता का इंसान बना डाला है।