" /> स्वराज इंडिया ने की मुख्यमंत्री को विधान परिषद का सदस्य बनाने की मांग

स्वराज इंडिया ने की मुख्यमंत्री को विधान परिषद का सदस्य बनाने की मांग

ई-मेल द्वारा राज्यपाल को भेजा मांग पत्र 
कहा- राज्यपाल महाराष्ट्र की जनता के हितों को ध्यान में रखकर लें निर्णय
मुख्यमंत्री की विधान परिषद की सदस्यता को लेकर भाजपा राजनीति करती नजर आ रही है। इसके लिए भाजपा राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद का दुरुपयोग कर रही है। कोरोना संकट के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखते अब जनता भी भाजपा की मंशा पर उंगली उठाने लगी है। भाजपा के राजनैतिक मंसूबों को भांपते हुए ‘स्वराज्य इंडिया’ नामक संस्था की महाराष्ट्र इकाई ने राज्यपाल को ई-मेल द्वारा पत्र भेजकर राज्य की जनता के हितों को और वर्तमान समय में वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते प्रादुर्भाव को देखते हुए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अच्छा काम कर रहें हैं, ऐसे में उन्हें सदन के विधान परिषद की सदस्यता देनी चाहिए।
स्वराज्य इंडिया ने भेजे गए निवेदन में कहा है कि कोविड-19 से आज पूरा विश्व जूझ रहा है। जनसंख्या के हिसाब से विश्व की दूसरी सबसे बड़ी आबादीवाला देश, भारत भी इस महामारी से लड़ रहा है। केंद्र और राज्य सरकार इस संकट से निजात पाने के उपाय पर काम कर रही हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण और उससे हुई मृत्यु से महाराष्ट्र देश का सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। औद्योगिक दृष्टि से देश का सबसे संपन्न राज्य महाराष्ट्र और देश की आर्थिक राजधानी मुंबई का संपूर्ण सरकारी तंत्र आज इस महामारी से जनता को बचाने के काम में जुटा है। आप इस राज्य के महामहिम राज्यपाल हैं इसलिए यह सभी कार्य राज्य सरकार आपके नेतृत्व में कर रही है। इसलिए महाराष्ट्र के चहेते मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को विधान परिषद सदस्यता मिलनी ही चाहिए। इन सभी ने की अपील इस पत्र में स्वराज्य इंडिया के सदस्य ललित बाबर, प्रो. ओमप्रकाश कलमे, प्रत्युष, हिरामण पगार, अण्णासाहेब खंदारे, वंदनाताई शिंदे, इस्माइल समडोले, मानव कांबले, सुभाष लोमटे, इब्राहिम खान, अमोल गोरडे, संजीव साने, प्रभा यादव, डॉ. महेंद्र माली, आलोक कांबले, कैप्टन नारायण दास आदि ने राज्यपाल से अपील की है।