" /> स्वेच्छा का लॉकडाउन : लोकप्रतिनिधि व नागरिकों द्वारा लॉकडाउन

स्वेच्छा का लॉकडाउन : लोकप्रतिनिधि व नागरिकों द्वारा लॉकडाउन

ठाणे में लॉकडाउन अनलॉक के बाद से ही कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है, जिसे ध्यान में रखकर माजीवाड़ा-मानपाड़ा प्रभाग समिति के लोकप्रतिनिधि व नागरिकों ने अगले 7 दिनों का स्वेच्छा लॉकडाउन करने का निर्णय लिया है। इस लॉकडाउन के अंतर्गत केवल मेडिकल व डेरी के अलावा सभी दुकानों को बंद रखा जाएगा। यह पहला लॉकडाउन ऐसा है, जहां नागरिक व लोकप्रतिनिधि लॉकडाउन का सख्ती से पालन करेंगे।
ठाणे शहर में दिनों-दिन कोरोना मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जब से लॉकडाउन अनलॉक किया गया है तब से मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। रविवार के दिन 265 मरीजों के पॉजिटिव आने से पूरा ठाणे शहर सहम उठा है। माजीवाड़ा-मानपाड़ा वॉर्ड समिति में सबसे अधिक 64 नए रोगियों के पंजीकृत होने के बाद से शहरवासियों में चिंता का माहौल है। रोगियों की बढ़ती संख्या के कारण शिवसेना के वरिष्ठ पार्षद संजय भोईर द्वारा बालकुम, कोलशेत और ढोकली क्षेत्रों में कुछ समाजों और झुग्गी निवासियों की एक बैठक बुलाई गई थी और इस बैठक में स्वेच्छा से तालाबंदी करने का निर्णय लिया गया है। भोईर ने सूचित किया है कि आज से अगले सात दिनों के लिए तालाबंदी होगी। इस लॉकडाउन के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सेवाओं, चिकित्सा, अस्पतालों, एंबुलेंस और डेयरी व्यवसाय (सुबह 5 से 8 बजे तक) को छोड़कर सभी प्रकार के किराना स्टोर, सब्जी, मछली और मांस विक्रेता सात दिनों के लिए बंद रहेंगे। कोरोना हटाओ बालकुम, कोलशेत, ढोकली बचाओ जैसे पोस्ट भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे हैं।
कुछ दिनों के लिए फिर से अनलॉक और लॉक करना आवश्यक था। अनलॉक के बाद रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई है इसलिए कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए स्वेच्छा का लॉकडाउन लागू किया गया है।
ओमप्रकाश पाटिल, निवासी, बालकुम