" /> सड़क पर तमाशा!

सड़क पर तमाशा!

किसी ने क्या खूब कहा है कि बदनाम होंगे तो क्या नाम न होगा! ये पब्लिसिटी का जमाना है। मीडिया में जो चीज दिखती है, वह हॉट हो जाती है। उसके चर्चे हो जाते हैं। फिल्म और ग्लैमर बिजनेस तो इस चर्चे पर ही आधारित हैं। जब भी कोई फिल्म रिलीज होती है तो उसके कुछ दिन पहले से ही उसकी पब्लिसिटी शुरू हो जाती है। अब अगर पब्लिसिटी का रिस्पांस पॉजिटिव आता है तो कहा जाता है कि फिल्म गर्म है वरना फिल्म ट्रेड वाले यही कहते हैं कि फिल्म ठंडी है। तो मामला ठंडे और गर्म का है। अभी अचानक एक फिल्म के रिलीज होने की चर्चा शुरू हुई है। फिल्म का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज हुआ है। अभी तक होता यह था कि जब भी कोई ट्रेलर रिलीज होता था तो खबर कुछ यूं आती थी इतने लाख व्यूज हुए। इतने लाइक्स मिले। अब महेश भट्ट की फिल्म ‘सड़क २’ का ट्रेलर रिलीज हुआ है। अब ये अच्छा है या बुरा है, इससे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि इसे ५० लाख लोगों ने डिसलाइक किया है। यूट्यूब में एक बटन होता है लाइक का और एक डिसलाइक का। ट्रेलर को उत्सुकतावश मैंने भी देखा। अब उसमें ऐसी कौन-सी बोरियत या बुरी बात लोगों को लगी जो इतने ज्यादा डिसलाइक मिले। क्यों मिले, यह मुझे समझ में नहीं आया। यह ट्रेलर कोई बहुत उम्दा नहीं है, न ही बहुत बुरा है। औसत स्तर का ट्रेलर है। ऐसे में सोशल मीडिया पर इसका ट्रेंड होना, अपने आप में कुछ कहता है। फिल्म ट्रेड सर्कल में ऐसी भी चर्चाएं सुनने को मिल रही हैं कि यह सब एक प्रमोशन के तहत मैनेज किया गया है, ताकि लोगों का ध्यान जाए। अब लोगों का ध्यान आकर्षित करना है तो कुछ उल्टा करना ही पड़ेगा।
फिल्म का प्रमोशन भी अजीब चीज है। पहले फिल्म रिलीज के पहले इंटरव्यूज होते थे। हीरो, हीरोइन, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, म्यूजिक डायरेक्टर आदि के इंटरव्यू अखबारों में छपते थे। पत्रिकाओं में और टीवी चैनल पर आते थे। अब जमाना बदल गया है। सोशल मीडिया का जमाना आ गया है। सोशल मीडिया पर हर आदमी प्रमोटर और पत्रकार बन गया है। एक ट्वीट होता है। कुछ देर बाद वह ट्रेंड करने लगता है। कुछ उल्टा लिखो। कुछ अपशब्द लिखो। कुछ गालियां लिखो, तो ट्रेंड करने लगता है। यह प्रमोशन का नया फंडा है। फिर खबर बना दी जाती है कि फलां चीज ट्रेंड कर रही है। दो दशक बाद महेश भट्ट ने निर्देशन में वापसी की। इस खबर में किसको रुचि है? लेकिन ‘सड़क २’ बकवास है इसको लेकर अगर सोशल मीडिया पर नेगेटिव ट्रेंड चल पड़े तो चर्चा हो जाती है। खबर बन जाती है। मामला हॉट हो जाता है। इसके साथ ही एक खबर संजय दत्त के बारे में भी आई। यह खबर मेन मीडिया में थी। संजू बाबा लीलावती हॉस्पिटल से लौटे और उन्हें एक गंभीर बीमारी के होने की खबर आई। बॉलीवुड हंगामा और फिल्मफेयर जैसे विश्वसनीय हैंडल से ट्वीट आए। यकीन मानिए, सुनकर अच्छा नहीं लगा। इसके साथ ही लोगों ने इस तरह के कमेंट भी करने शुरू कर दिए कि फिल्म को हॉट करने के लिए ये सब स्टंट किए जा रहे हैं। सोशल मीडिया ने लोगों को बेलगाम बना दिया है। ऐसे में कन्फ्यूजन भी काफी ज्यादा हो जाती है। भट्ट कैंप की तो पूरी कोशिश होगी कि येन केन प्रकारेण फिल्म को जबरदस्त पब्लिसिटी मिले और फिल्म इतनी हॉट हो जाए कि ओपनिंग के सारे रिकॉर्ड टूट जाएं। अब तमाशा आगे बढ़ रहा है। देखते हैं क्या गुल खिलता है!