सड़क हादसों के आंकड़े बढ़ने नहीं, गिरने चाहिए! मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया सड़क सुरक्षा सप्ताह का उद्घाटन

सड़क हादसों का सिरदर्द हमें नहीं चाहिए, चाहे वह किसी भी स्वरूप में हो, उसमें बढ़ोत्तरी नहीं, बल्कि गिरावट आनी चाहिए। इसके लिए आवश्यक सभी सुविधाएं मैं उपलब्ध कराऊंगा। हादसों का आंकड़ा शून्य पर आना चाहिए। सड़क सुरक्षा के लिए हम सभी एक साथ आएं व नियमों का पालन करें, ऐसा आह्वान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया।

राज्य सरकार की ओर से ३१वां राज्य सड़क सुरक्षा सप्ताह का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सुरक्षा सप्ताह, सौजन्य सप्ताह का हमेशा आयोजन किया जाता है। लेकिन इसका पालन सिर्फ सप्ताहभर तक न कर बल्कि जीवनभर सुरक्षा के संदर्भ में जागरूकता जारी रहनी चाहिए। वर्ष २००५ में चीन में ९४ हजार हादसे हुए जबकि हिंदुस्थान में यह आंकड़ा ९८ हजार था। उस समय से अब तक चीन में हादसों का आंकड़ा घटकर ४५ हजार तक पहुंच गया लेकिन हमारे देश में यह आंकड़ा डेढ़ लाख तक पहुंच गया है। ऐसी प्रगति हमें नहीं चाहिए। प्रगति चाहिए लेकिन हादसों में आई गिरावट की। हादसों का आंकड़ा गिराने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी, ऐसा वचन भी उद्धव ठाकरे ने दिया। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों का ग्राफ कम करने के लिए सड़क सुरक्षा सप्ताह अभियान वर्षभर चलाएं और यातायात नियमों का पालन करने के प्रति सतर्कता बरतते हुए सुरक्षित महाराष्ट्र बनाएं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुलिस हमेशा अपना कर्तव्य निभाती है ताकि आम नागरिक विभिन्न त्यौहारों का आनंद ले सकें। इस आंनद की असली हीरो पुलिस व्यवस्था है। इस अवसर पर परिवहन मंत्री एड. अनिल परब, गृह राज्यमंत्री सतेज पाटील, शिवसेना सांसद अरविंद सावंत, परिवहन विभाग के प्रधान सचिव आशीष कुमार सिंह, परिवहन आयुक्त शेखर चन्ने आदि उपस्थित थे।