" /> हंगामे के बीच राज्यसभा में कृषि बिल ध्वनिमत से पास!

हंगामे के बीच राज्यसभा में कृषि बिल ध्वनिमत से पास!

विपक्ष के भारी हंगामे के बीच कृषि विधेयक रविवार को राज्य सभा में पास हो गया। सदन में बिल पर चर्चा के दौरान जोरदार हंगामा हुआ। विपक्ष के सांसदों ने आसन के सामने लगे माइक को तोड़ दिया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उपसभापति के सामने रूल बुक फाड़ दी. दरअसल, सदन की कार्यवाही १ बजे पूरी होनी थी। उपसभापति ने कार्यवाही को विधेयक के पारित होने तक बढ़ाने का पैâसला लिया। विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित भी करनी पड़ी। बाद में राज्यसभा ने कृषि उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्द्धन और सरलीकरण) विधेयक-२०२० और कृषक (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) कीमत आश्वासन समझौता और कृषि सेवा पर करार विधेयक-२०२० को मंजूरी दी। इससे पहले कल राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कृषि विधेयकों को पेश किया और कहा कि इस बिल से किसानों का जीवन स्तर सुधरेगा। तोमर ने कहा कि फसलों के लिए एमएसपी जारी रहेगा। इधर, विपक्षी दलों ने बिल को सेलेक्ट कमेटी में भेजने की मांग की है। देशभर में बिल को लेकर लगातार विरोध-प्रदर्शन जारी है।
`किसानों को बिचौलियों से मुक्ति’
कृषि संबंध विधेयकों के राज्यसभा से पास होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इन विधेयकों के पारित होने से किसानों को बिचौलियों से आजादी मिलेगी। प्रधानमंत्री से सुनिश्चित किया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि हम अपने किसानों की सेवा के लिए हैं… अन्नदाताओं की सहायता के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
`किसानों की आय २०२८ से पहले दोगुनी नहीं होगी’
लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी विपक्ष के लगातार विरोध के बीच किसानों से जुड़े दो बिल पास कर दिए गए हैं। ये बिल हैं, कृषक उपज व्यापार विधेयक २०२० और कृषि सेवा पर करार विधेयक २०२०। बिल पर हंगामे के बीच विपक्षी सांसदों ने सदन के वेल में नारे लगाए गए। २०२० तक किसानों की आय दोगुनी करने के केंद्र के दावे पर कटाक्ष करते हुए तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रविवार को राज्यसभा में कहा कि यह २०२८ से पहले दोगुनी नहीं होगी। राज्यसभा में पेश किए गए कृषि विधेयकों पर चर्चा करते हुए तृणमूल सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्ष किसानों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। आपने २०२० तक किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था। मौजूदा दर पर, यह २०२८ से पहले नहीं होगा। राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश ने उन्हें अपनी सीटों पर लौटने के लिए कहा। कृषि बिलों को लेकर सदन में हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही कल सुबह ९ बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। नारेबाजी करते विपक्षी दलों के सांसद उपसभापति के आसन तक पहुंच गए। केंद्रीय कृषि कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर उस वक्त विपक्ष के सवालों का जवाब दे रहे थे।
`सभी गैर-भाजपा पार्टियां कृषि बिल का करें विरोध’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को ट्वीट किया कि आज पूरे देश के किसानों की नजर राज्यसभा पर है। राज्यसभा में भाजपा अल्पमत में है। मेरी सभी गैर-भाजपा पार्टियों से अपील है कि सब मिलकर इन तीनों बिलों को हराएं। उन्होंने कहा कि केंद्र के तीनों विधेयक किसानों को बड़ी कंपनियों के हाथों शोषण के लिए छोड़ देंगे।
विपक्षी सांसदों ने की कृषि विधेयकों की प्रतियां फाड़ने की कोशिश
राज्यसभा में रविवार को विपक्षी सांसदों ने कृषि विधेयकों के विरोध में वेल में आकर नारेबाजी की और बिल की प्रतियां फाड़ने की कोशिश की। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने वेल में जाकर उप-सभापति हरिवंश को सदन की रूल बुक दिखाई। बकौल डेरेक, उन्होंने (सरकार) संसद के नियम तोड़े हैं… राज्यसभा टीवी का फीड काट दिया…ताकि देश न देख पाए।
‘दलालों की पार्टी’ कहने पर कांग्रेस ने किया हंगामा
वाईएसआर कांग्रेस के सांसद वी.वी. रेड्डी द्वारा कांग्रेस को ‘दलालों की पार्टी’ कहने पर कांग्रेस नेताओं ने राज्यसभा में रविवार को हंगामा किया। कांग्रेस सांसद आनंद शर्मा ने रेड्डी से माफी की मांग की। दरअसल रेड्डी ने कहा था कि कांग्रेस के पास (कृषि संबंधित) बिलों का विरोध करने की कोई वजह नहीं है। यह बिचौलियों, दलालों की पार्टी है।
`फसल मनचाही कीमत पर बेचने को किसान आजाद’
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने राज्यसभा में रविवार को कहा कि ये दोनों बिल ऐतिहासिक हैं और किसानों के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लानेवाले हैं। उन्होंने कहा कि इस बिल के माध्यम से किसान अपनी फसल किसी भी जगह पर मनचाही कीमत पर बेचने के लिए आजाद होगा। इस विधेयकों से किसानों को महंगी फसलें उगाने का अवसर मिलेगा।