" /> हजारों प्रवासी मजदूरों का हुआ उद्धार : ट्रेन में मिली सीट तो जताया सीएम उद्धव ठाकरे का आभार

हजारों प्रवासी मजदूरों का हुआ उद्धार : ट्रेन में मिली सीट तो जताया सीएम उद्धव ठाकरे का आभार

लॉकडाउन के कारण लगातार पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों के लिए शुक्रवार को वसई स्टेशन से दो ट्रेनें रवानी हुईं। इससे पहले सनसिटी में पंडाल लगाकर प्रशासन ने यात्रियों की जांच और खान-पान की व्यवस्था कर प्रवासियों को स्टेशन के लिए रवाना किया। ट्रेन में जगह मिलने के बाद यात्री महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आभार व्यक्त करते नजर आए।

ज्ञात हो कि रेलवे पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों के लिए लगातार श्रमिक ट्रेन मुंबई के अलग अलग स्टेशनों से रवाना कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह 11 बजे उत्तराखंड और शाम 4 बजे गोरखपुर के लिए दो ट्रेनें रवाना की गईं। यात्रा से पहले यात्रियों को वसई पश्चिम के सनसिटी इलाके के एक खाली मैदान में मंडप लगाकर जांच के लिए ठहराया गया। मैदान में प्रतिदिन 5-6 हजार मजदूरों के लिए प्रशासन द्वारा इंतजाम किया गया हैं। वसई के तहसीलदार किरण सुरवसे ने बताया कि वसई सनसिटी इलाके में सरकार की जगह है, जहां प्रशासन द्वारा प्रवासियों के लिए मंडप बनाया गया हैं। प्रतिदिन हजारों की तादाद में लोग यहां पहुंचते हैं। उनकी जांच करके उन्हें टिकट दिया जाता हैं। बैठे हुए प्रवासियों को पानी, बिस्किट समेत भोजन दिया जाता है। पिछले आठ दिनों में जौनपुर के लिए आठ गाड़ी, गोरखपुर दो, इसी तरह राजस्थान समेत उत्तरखंड के लिए गाड़ी चलाई गई हैं।

मुख्यमंत्री का माना आभार
वसई पूर्व इलाके ने रहने वाली सरला देवी शुक्रवार को गोरखपुर ट्रेन से रवाना हुईं इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का आभार माना हैं। सरला देवी ने बताया कि राज्य के मुख्यमंत्री ने मजबूरों के लिए जो किया है वो काबिलेतारीफ है। सरलादेवी सुबह आठ बजे अपने परिवार से साथ आई थीं। इस दौरान प्रशासन द्वारा उन्हें खाने का सामान और पीने का पानी दिया गया। सरकारी बस से उन्हें स्टेशन पर लाया गया। हालांकि विपक्षी दल के कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा फैलाए गए अफवाह के कारण कई यात्रियों को परेशानी भी उठानी पड़ी।

स्थानीय निवासी प्रतिदिन लोगो की कर रहे हैं मदद

सनसिटी इलाके में कुछ नेताओं की अफवाह से प्रतिदिन हजारों की तादाद में लोग पहुंच रहे हैं। इन्हें प्रशासन के साथ-साथ स्थनीय निवासी भी बढ़चढ़ कर इनकी मदद कर रहे हैं। स्थानीय निवासी जॉन और ब्रायन और इनकी 10 सदस्यों का समूह पिछले आठ दिनों से इलाके में प्रवासियों को पानी की बोलत और खाने का सामान मुहैया करा रहे हैं। वही सामाजिक कार्यकर्ता समीर वर्तक लोगों को फल और भोजन का वितरण कर रहे हैं। माणिकपुर थानाध्यक्ष राजेंद्र कांबले ने बताया कि 7 पुलिस थानों के तकरीबन 125 पुलिस अधिकारी कर्मचारी और सीआरपीएफ तीन कंपनी प्रवासियों की सुरक्षा में लगी हैं। मेडिकल चेकअप के बाद प्रवासियों को बस में बिठाकर वसई स्टेशन से लाया जाता है, उसके बाद यात्रियों को ट्रेन में उनकी सीट पर बिठाया जाता हैं। हालांकि कुछ प्रवासी समझाने के बाद भी बात नहीं मानते हैं। यह प्रवासी अफवाह के शिकार हो गए हैं। शुक्रवार को सिर्फ उत्तराखंड और गोरखपुर के लिए श्रमिक ट्रेन चलाई गई थी लेकिन यहां पर सुबह से जौनपुर, भदोही, बिहार लखनऊ समेत अन्य राज्य के लोग इकट्ठा हो गए, जिससे प्रतिदिन 5-6 हजार की भीड़ उमड़ पड़ती है।