" /> ‘हमें जिंदगी का सही इस्तेमाल करना चाहिए!’-रति पांडे

‘हमें जिंदगी का सही इस्तेमाल करना चाहिए!’-रति पांडे

आसाम मेंं जन्मीं और दिल्ली में अपनी पढाई-लिखाई पूरी करनेवाली रति पांडे ने कभी सोचा तक नहीं था कि एक दिन वो अभिनय को अपना करियर बनाएंगी। दिल्ली यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स की डिग्री हासिल करने के बाद रति ने रियालिटी शो ‘जी सिनेस्टार्स की खोज’ में हिस्सा लिया। बस यहीं से कई टीवी मेकर्स की नजर उन पर पड़ी और ‘सोनी टीवी’ के लोकप्रिय शो ‘सीआईडी’ में उन्हें ब्रेक मिला और उसके बाद अनगिनत शोज में रति व्यस्त हो गईं। पेश है रति पांडे से पूजा सामंत की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-
 कैसा रहा आपके लिए लॉकडाउन का दौर?
लॉकडाउन का समय हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग रहा है। ये एक ऐसा समय है जो हमारे लिए किसी परीक्षा से कम नहीं था। अच्छे-बुरे अनुभव, खट्टी-मीठी यादें हर किसी के लिए अलग रही हैं। मेरे लिए लॉकडाउन बहुत सुहाना रहा। मैं तो एक छुट्टियों भरा ब्रेक चाहती थी। पिछला ३ महीना मैंने अपने परिवार के साथ बिताया।

 क्या इससे आपने कोई सबक सीखा?
लॉकडाउन के दौरान महसूस हुआ कि हमने प्रकृति और अपने जीवन को कितना लाइटली लिया था। कितने मासूम लोग जिनका कोई दोष नहीं था वे सिर्फ इसीलिए मर गए क्योंकि उन्हें कोरोना हुआ था, जो हमें दिखता नहीं। बड़ा भयंकर अहसास है ये। हमें जिंदगी का सही इस्तेमाल करना चाहिए।

 ‘देवी आदि पराशक्ति’ शो में आपके किरदार की क्या विशेषता रही है?
देवी पार्वती इस दुनिया की जननी हैं और वे अपने पति शिव जी से बहुत भिन्न हैं। शिवजी जितने क्रोधी हैं पार्वती उतनी ही शांत। पति-पत्नीr के बीच का ये विरोधाभासी स्वभाव मुझे आकर्षित करता है। इस शो की शुरुआत में मैं असमंजस में थी लेकिन बाद में आदत होते गई। शूटिंग खत्म होने के बाद भी मेरे दिल और दिमाग से माता पार्वती दूर नहीं हुईं।

 ‘पार्वती’ का रोल आपको कैसे मिला?
मैंने इस शो से पहले कभी धार्मिक पौरणिक शो नहीं किया था इसीलिए तुरंत हां कहना संभव नहीं हुआ। ‘स्वस्तिक प्रोडक्शंस’ से मेरे स्नेह पूर्ण रिश्ते हैं। उनको मैं इंकार नहीं कर सकती।

 कितनी समानता है पार्वती और आप में?
देवी पार्वती एक ऐसी देवी हैं जो अपने भक्तों पर अपनी जान छिड़कती हैं। मैं भी अपने परिवार के लिए जान छिड़कती हूं। मैंने हमेशा ये कोशिश की है कि मैं सभी के साथ अच्छा व्यवहार करूं। अपनी कमियों पर विजय प्राप्त कर सकूं। वैसे माता पार्वती से बहुत कुछ सीखने जैसा है।

 सुना है, इस शो में आप अपना मेकअप खुद कर रही हैं?
कोरोना का भय अभी खत्म नहीं हुआ। ये कहना बड़ा मुश्किल है कि अपना देश कोरोना से कब मुक्त होगा? अगर मेकअप आर्टिस्ट मेरा मेकअप करेगा तो उन्हें और मुझे संसर्ग होने का डर रहेगा। हालांकि हेयर स्टाइल के लिए हेयर ड्रेसर की जरूरत पड़ती है क्योंकि पार्वती का किरदार पौराणिक है। नॉर्मल बाल किरदार को लुक नहीं देगा। अब कोरोना संक्रमण के कारण हालात बदल गए हैं इसीलिए इन दिनों मैं खुद अपना मेकअप कर लेती हूं।

 अपने अभिनय सफर से आप कितनी संतुष्ट हैं?
मैं अपनी अभिनय यात्रा से संतुष्ट हूं। धीरे-धीरे आगे बढ़ती जा रही हूं। २००६ में मेरा अभिनय सफर शुरू हुआ। ‘बेगूसराय’, ‘पौरस’, ‘हिटलर दीदी’, ‘मिले जब हम तुम’ जैसे शोज से मेरी पहचान पुख्ता हुई। अभिनय ने मेरे भीतर के व्यक्तित्व को निखारा और कई सारे लोग मिलते गए। इन सबके कारण मेरा विश्व समृद्ध होता गया। आनेवाले समय में अपने करियर से मुझे और भी उम्मीदें हैं।