" /> हमेशा रखो 55 दवाई नहीं तो हो जाएगी कार्रवाई, केमिस्ट को स्टॉक रखने के निर्देश

हमेशा रखो 55 दवाई नहीं तो हो जाएगी कार्रवाई, केमिस्ट को स्टॉक रखने के निर्देश

भारत में कोरोना वायरस के मामले रोजाना बढ़ते जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना मरीजों की संख्या 14 हजार के पार पहुंच गई है। संक्रमण से अब तक 480 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच, दवा रेगुलेटर ने केमिस्ट्स से 55 जरूरी दवाओं के स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं।

देशभर में आठ लाख से ज्यादा केमिस्ट्स का प्रतिनिधित्व करने वाले रेगुलेटर ने उन 55 दवाओं का स्टॉक रखने को कहा है, जो एंटीबायटिक्स हैं। इसके अलावा इसमें कार्डियक की दवाएं भी शामिल हैं। इन दवाओं की जरूरत कोरोना वायरस की वजह से आईसीयू में भर्ती मरीज को हो सकती है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) नामक रेगुलेटर ने शुक्रवार को सभी से कहा है कि वे अपने मेडिकल दुकानों में जरूरी दवाओं को जरूर रखें। इन 55 दवाओं में ब्लड प्रेशर के इलाज के समय काम आने वाली एड्रेनालाईन, एट्रोलपाइन, एमियोडारोन, फेंटानिल, साल्बुटामॉल, सिप्लोफॉक्सिसीन, मेटरोनिडेजॉल आदि शामिल हैं।
इसके अलावा एसोसिएशन ने अपने सदस्यों को तकरीबन 100 अन्य दवाओं को भी रखने को कहा है। इनमें पैरासीटामॉल, एमोक्सीलीन, इनसुलिन, एकीक्लोविर आदि शामिल हैं। आईओसीडी के जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने कहा कि अभी हमारे पास एक महीने से अधिक समय तक के लिए स्टॉक मौजूद है। इससे पहले सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने केमिस्ट और एसोसिएशन से कहा था कि इन दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करने के लिए जरूरी कदम उठाएं।