हर दिन ५० किसान देते हैं जान, देश के ७० फीसदी किसानों पर है कर्ज

कर्ज के चलते सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि पूरे हिंदुस्थान में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉड्र्र्स ब्यूरो) की रिपोर्ट बताती है कि १९९५ से लेकर अब तक पूरे देश में करीब चार लाख किसानों ने आत्महत्या की है। इस तरह हर दिन करीब ५० किसान अपनी जान दे रहे हैं। देश के करीब ९ करोड़ किसान परिवारों में से ६.३ करोड़ किसान परिवार कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं अर्थात देश के करीब ७० फीसदी किसानों पर इन दिनों कर्ज का बोझ है।
महाराष्ट्र के किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों के लिए आजाद मैदान पर कल धरना दिया। उसके बाद किसानों की दशा और दिशा के सवाल पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। महाराष्ट्र ही नहीं बल्कि आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और झारखंड में किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। २०१७ में उपरोक्त राज्यों में सबसे अधिक किसानों ने आत्महत्याएं की हैं। एनसीआरबी के अनुसार कर्ज के कारण आत्महत्या करनेवाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। २००५ से २०१५ इन १० वर्षों के आंकड़ों का विचार करने पर पता चलता है कि देश में १ लाख की जनसंख्या के पीछे १.४ से १.८ किसान आत्महत्याएं कर रहे हैं।