" /> हर मजदूर चाहे मालिक हो तो ऐसा! -फ्लाइट में बिठाकर भेजा घर -तीन-तीन हजार रुपए भी दिए

हर मजदूर चाहे मालिक हो तो ऐसा! -फ्लाइट में बिठाकर भेजा घर -तीन-तीन हजार रुपए भी दिए

कोरोना महामारी और लॉकडाउन के बीच दूसरे राज्यों में फंसे लाखों प्रवासी मजदूर लगातार घर वापसी कर रहे हैं। ये मजदूर श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के जरिए या फिर दूसरे साधनों से अपने गांव, अपने घर आने लौट रहे हैं। जिन मजदूरों को ट्रेन में जगह नहीं मिल रही वो पैदल, साइकिल, बस या फिर दूसरे वाहनों से ही वापसी की कवायद में जुटे हुए हैं। इस बीच आज हम आपको दस ऐसे मजदूरों के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने लॉकडाउन का दंश तो झेला लेकिन घर वापसी के लिए उन्हें ज्यादा तकलीफ नहीं उठानी पड़ी।

आपने गुजरात के एक हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया के बारे में जरूर सुना होगा। सूरत के अरबपति हीरा व्यवसायी सावजी ढोलकिया अकसर अपने कर्मचारियों को कार-फ्लैट जैसे महंगे गिफ्ट देने को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। कई बार ऐसी खबरें आईं जब उन्होंने दिवाली बोनस के तौर पर अपने कर्मचारियों को फ्लैट और कारें गिफ्ट कर दीं। हालांकि, इस बार हम सावजी की बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि उन्हीं की तरह ही दिल्ली के एक बड़े किसान के बारे में बता रहे हैं, जिन्होंने अपने यहां काम करने वाले 10 मजदूरों के लिए बड़ा दिल दिखाया।
दिल्ली के तिग्गीपुर गांव के किसान पप्पन सिंह गहलोत ने लॉकडाउन में काम नहीं होने पर भी अपने खेतों में काम करने वाले 10 मजदूरों को रहने-खाने की सुविधाएं मुहैया कराई। जब इन किसानों ने घर वापसी की इच्छा जताई तो किसान ने उन्हें फ्लाइट में टिकट कराके बिहार उनके घर भेजा। दरअसल, बिहार के समस्तीपुर जिले के रहनेवाले दस मजदूर दिल्ली में एक बड़े पप्पन सिंह और निरंजन सिंह के खेतों में ये मजदूर मशरूम की खेती का काम देखते थे। हालांकि, कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन में जब काम बंद हो गया, तब पप्पन सिंह और निरंजन सिंह ने ना सिर्फ दो महीने तक सभी मजदूरों के रहने की व्यवस्था की, बल्कि उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था की।

इस बीच मजदूरों ने काम नहीं होने पर श्रमिक स्पेशल ट्रेन से अपने घर वापसी की इच्छा जताई। जिसे सुनकर दिल्ली के तिग्गीपुर गांव के बड़े किसान ने भी बड़ा दिल दिखाया। उन्होंने मजदूरों से कहा कि जल्द फ्लाइट शुरू हो रही है उन्हें फ्लाइट से ही पटना भेजेंगे। अपने किए वादे के मुताबिक अब इन मजदूरों के मालिक पप्पन सिंह गहलोत ने मजदूरों को हवाई टिकट के साथ प्रति मजदूरों को 3000 हजार रुपए खर्च देकर बिहार भेजा।

फिर जाएंगे काम -मजदूर
अब फ्लाइट से पटना पहुंचने के बाद इन युवकों के चेहरे खिले हुए हैं। पटना एयरपोर्ट पर उतरे इन मजदूरों ने कहा कि कुछ दिन अपने घर में रहने के बाद वो वापस दिल्ली के तिग्गीपुर गांव जाकर अपना काम संभालेंगे। पहली बार हवाई यात्रा कर इंडिगो की फ्लाइट से पटना पहुंचे 10 मजदूरों के आंखों में घर वापसी की खुशी तो थी लेकिन उनके काम पर वापस लौटने की हड़बड़ी भी दिख रही थी।