हवा में ही दुश्मनों का खात्मा, एस-४०० का कमाल

देश की सीमा की सुरक्षा सेना के नौजवानों के कंधों पर होती है। पाकिस्तान के तीखे बोल और चीन की चालाकी को देखते हुए केंद्र सरकार सेना को आधुनिक हथियारों से लैस करने में जुटी है। इसी कड़ी में थलसेना को एयर मिसाइल डिफेंस प्रणाली एस-४०० से लैस किया जा रहा है। अक्टूबर २०२० तक सेना के बेड़े में एस-४०० एयर मिसाइल डिफेंस प्रणाली शामिल होगी। इस प्रणाली के लिए हिंदुस्थान और रूस के बीच २०१५ में ही सौदा हुआ था।
 दुनिया की सबसे आधुनिक तकनीक
एस-४०० दुनिया की सबसे आधुनिक लंबी दूरी की मिसाइल रक्षा प्रणाली है। यह दुश्मन की ओर से होनेवाले किसी भी हवाई हमले को ४०० किलोमीटर दूरी पर ही खत्म करने में सक्षम है। यह बैलिस्टिक मिसाइल, फाइटर प्लेन और हर तरह के ड्रोन को निशाना बनाने में सक्षम है।
 पांच एस-४०० मिसाइल आएंगे
हिंदुस्थान और रूस के बीच पांच एस-४०० मिसाइल की खरीद को लेकर समझौता हुआ है। ये पूरी डील करीब ५ अरब डॉलर की है। इस डील की करीब १५ फीसदी रकम चुका दी गई है।
 क्यों जरूरी है ये प्रणाली?
एस-४०० मिसाइल प्रणाली से हिंदुस्थान को रक्षा कवच मिल जाएगा। इस प्रणाली से हिंदुस्थान पर होनेवाले परमाणु हमले का भी जवाब दिया जा सकेगा। अर्थात यह रक्षा प्रणाली हिंदुस्थान के लिए चीन और पाकिस्तान की न्यूक्लियर सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों से कवच की तरह काम करेगी। यहां तक कि यह प्रणाली पाकिस्तान की सीमा में उड़ रहे विमानों को भी ट्रैक कर सकेगी।
 एस-४०० की विशेषताएं
एस-४०० रक्षा प्रणाली एस-३०० का उन्नत संस्करण है। इसको केवल पांच से १० मिनट में ही तैनात किया जा सकता है। एक साथ ३६ मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम है। इस प्रणाली में ए़क साथ तीन मिसाइलें दागी जा सकती हैं और इसके प्रत्येक चरण में ७२ मिसाइलें शामिल हैं। एस-४०० को सतह से हवा में मार करनेवाला दुनिया का सबसे सक्षम मिसाइल सिस्टम माना जाता है। लगभग दस हजार फीट की ऊंचाई तक निशाना एस-४०० साध सकती है। यह पांचवी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को नष्ट कर सकती है, जिसमें फाइटर जेट एफ-३५, एफ-१६ और एफ-२२ का समावेश है।