हाइपरलूप भरेगी दंभ तो ट्रैफिक होगा कम, मुंबई-पुणे रोजाना, १.३० लाख वाहनों का आवागमन बचेंगे रोजाना २६ लाख लीटर ईंधन

मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप रेल परियोजना को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल गई। यह परियोजना साकार होने के बाद जब मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप अपना दंभ भरेगी तो जल्द यातायात का यह सिस्टम सड़कों की ट्रैफिक कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
बता दें कि वर्तमान में मुंबई से पुणे रोजाना करीब १ लाख ३० हजार वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में करीब २६ लाख लीटर ईंधन इस रूट पर चलनेवाले वाहनों से खर्च होते हैं। महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई से पुणे के बीच हाइपरलूप रेल की जो योजना बनाई है, उस योजना के मुताबिक मुंबई से पुणे के बीच की दूरी महज २३ मिनट में तय कर पाना संभव होगा। मुंबई से पुणे के बीच ११७ किमी का हाइपरलूप कॉरिडोर बनेगा। हाइपरलूप रेल कॉरिडोर मुंबई के बीकेसी से पुणे के वाकड़ तक अमल में लाई जाएगी। जहां तक बात हाइपरलूप के चलते सड़क का ट्रैफिक कम होने की है तो मुंबई से पुणे के बीच लगभग १० लीटर र्इंधन की खपत कार से होती है। यदि कोई कार ८ किमी प्रति लीटर का माइलेज देती है तो इस दूरी को तय करने के लिए १,५११ रुपए खर्च करने पड़ते हैं।
हाइपरलूप का पहला चरण ११.८० किमी का होगा, जो कि पुणे में तैयार होगा। पहले चरण की लागत ५,००० करोड़ रुपए है जबकि मुंबई से पुणे के बीच ११७.५ किमी कॉरिडोर की अनुमानित लागत ७० हजार करोड़ रुपए है। पहले चरण का काम २ से ढाई साल में बनकर तैयार हो जाएगा जबकि पूरी परियोजना ६ से ७ साल में बनकर तैयारी होगी। राइट टू ट्रैवल के अध्यक्ष गजेंद्र भंडारी का कहना है कि समय के साथ तकनीक में विकास हो रहा है। हाइपरलूप पर कई देश काम कर रहे हैं। हाइपलूप पर्यावरण में प्रदूषण को रोकने में पूरक साबित होगी।

मुंबई -पुणे का सफर
किमी/माइलेज ईंधन खर्च
८ किमी/लीटर रु. १,५११
१० किमी/लीटर रु. १,२०८
१२ किमी/लीटर रु. १,००७
१४ किमी/लीटर रु. ८६३
२५ किमी/लीटर रु. ४८३

मुंबई-पुणे का सफर
हाइपरलूप – २३ मिनट
ट्रेन – ३ घंटे
कार – २.५ घंटे
मुंबई-पुणे कारों का आवागमन -१,३०,०००
सालाना सफर – १०० मिलियन यात्री
पहला चरण – गहूंजे से उर्से
परियोजना की लागत – ७०,००० करोड़