" /> हिंदुस्थान-चीन की लड़ाई पहुंची बंदरगाहों पर!,चीनी सामानों की हो रही है बारीकी से जांच

हिंदुस्थान-चीन की लड़ाई पहुंची बंदरगाहों पर!,चीनी सामानों की हो रही है बारीकी से जांच

पूर्वी लद्दाख के गलवान घाटी में हिंदुस्थान के २० सैनिकों की शहादत के बाद देश भर में लोग चीन के खिलाफ आवाजें उठा रहे हैं। हर तरफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। लोग चीनी समानों को बहिष्कार करने की बात कर रहे हैं। इस बीच हिंदुस्थान और चीन की तनातनी बॉर्डर से बंदरगाह तक पहुंच गई है। पिछले कुछ दिनों से चेन्नई और मुंबई के पोर्ट पर चीन से आने वाले समानों की बारीकी से जांच हो रही है।

सेवानिवृत्त सैनिक भी भड़के
गांव भंडाल में पूर्व सैनिक संघर्ष कमेटी की ओर से चीन का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया गया। इसका नेतृत्व पूर्व लेफ्टिनेंट हरभजन सिंह व शाम लाल ने किया। इस दौरान चेयरमैन गुरजीत सिंह व प्रधान सूबेदार मेजर एसपी सिंह गोसल शामिल हुए।
वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि शहीद हुए सैनिकों के परिवार को एक करोड़ रुपए की राशि मुहैया की जाए और एक्सग्रेशिया ग्रांट ५० लाख किया जाए। देश पर कुर्बान होने वाले शहीदों का मोल कोई भी चूका नहीं सकता।

वैश्य समाज ने फूंका चीन का पुतला
चीन की कायराना हरकत पर अग्रवाल वैश्य समाज स्टूडेंट आर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने डबवाली के अनाज मंडी में चीन का पुतला जलाकर रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के पहले शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई।

आयातित सामानों की सघन जांच
बंदरगाहों पर कुछ अधिकारियों ने कहा है कि इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर कुछ सामानों की बारीकी से जांच हो रही है। हालांकि, लिखित तौर पर सरकार के किसी विभाग ने कुछ भी नहीं कहा है। चीन से आने वाले सामानों की फिजिकल जांच की जा रही है। पहले जिन समानों को कस्टम विभाग से एक दिन में क्लियरेंस मिल जाती थी अब उसमें ३-४ दिनों का वक्त लग रहा है।

चीन को धूल चटाएगा भारत
जिस तरह चीन ने भारत के साथ धोखा किया और बॉर्डर पर देश के जवानों को मारा है उसका हिसाब होगा। वो समय जल्द ही आएगा जब चीन को भारत धूल चटाएगा। हम चीनी सामानों का बहिष्कार करेंगे, ताकि चीन की चालाकी उस पर ही भारी पड़े। – स्वप्निल कश्मीरी

सबक सिखाने का समय आ गया
हमें उस पल का इंतजार है जब चीन, भारत के सामने घुटने टेकने को मजबूर हो जाएगा। ‘टिकटॉक’ सहित ढेर सारे चीनी एप्स मोबाइल से निकाले जा रहे हैं। हमें मोबाइल सहित देश के बाजारों में चीन का कोई भी समान नहीं चाहिए। चीन को अब सबक सिखाने का समय आ गया है। – सचिन राउत

वस्तुओं का बहिष्कार किया जाए
चीन की नीति को असफल बनाने के लिए यह आवश्यक है कि चीन द्वारा निर्मित सभी प्रकार की वस्तुओं का बहिष्कार किया जाए और चीन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उदासीन बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाए। चीन अपनी मर्यादा न भूले एवं भारत उसको सबक सिखाने के लिए हमेशा तैयार है। – अखिलेश यादव

व्यापारिक बदला लो
सरकारी ठेकों में चीन की कंपनी का बहिष्कार कर स्थानिक कंपनी को प्राधानता देना एक व्यापारिक बदला हो सकता है।
-रितेश गुप्ता

चिरकुटगीरी अब नहीं चलेगी
चीन की चिरकुटगीरी की वजह से सीमा पर हालात काफी नाजुक हो गए हैं, ऐसे समय में हमें अपने देश के जवानों का साथ देकर उनका मनोबल बढ़ाने की जरूरत है। अपने देश की तीनों सेनाएं जल, थल और नभ किसी भी दुश्मन देश से लड़ने और जीतने में पूरी तरह सक्षम हैं। चीन को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए हर हिंदुस्तानी को चिरकुट चीन के सामानों का बायकॉट करना होगा। – अमित गुप्ता

तुम बॉर्डर पर और हम देश में लड़ेंगे
हमारे सैनिक भाई आप देश की रक्षा के लिए बॉर्डर पर लड़ो। हम चीन में बने सामानों का बहिष्कार कर देश में लडेंगे। इस जंग में अपनी जीत पक्की है।
– रहीस वर्मा

स्वदेशी अपनाओ, चीनी भगाओ
चीन की सेना से अपने सैनिकों की शहादत का बदला लेने के लिए हमें अब स्वदेशी सामान अपनाना पडेगा।चीन को कंगाल बनाने में यह नीति कारगर सिद्ध होगी।
– राजीव तिवारी

चीनी, तुझे घोल कर पी जाएंगे
चीन की सेना ये बात अच्छी तरह समझ ले कि ये पहलेवाला भारत नहीं है। अगर होशियारी दिखाई तो तुम्हें चीनी की तरह पानी में घोलकर पी जाएंगे।
– बजरंगी मिश्रा

आयात-निर्यात बंद करो
चार सामान जलाकर कुछ नहीं होनेवाला। चीन का आयात निर्यात बंद करो, तभी वो सुधरेगा।
– सुनीता सरोज

हिंदी चीनी बाय-बाय
देश ‘हिंदी चीनी भाई भाई’ का नारा अब बहुत लगा चुका है। अब वक्त आ गया है जब हम चीन के किसी भी सामान को न खरीदकर उसे अपने देश से हमेशा के लिए बाय-बाय कर दें। – डॉ. सतीश तिड़के

मजबूत भूमिका निभाए केंद्र
यह आजादी के बाद वाला भारत नहीं है और न ही सन ६२ वाला। आज पूरा विश्व इसे पहचानता है इसलिए भारत सरकार को मजबूत भूमिका निभानी चाहिए।
– राजीव घरत

आर्थिक नकेल कसो
हमारे सैनिक सीमा पर लड़ रहे हैं। हमें देश में रहकर दुश्मन से आर्थिक लड़ाई लड़नी है। उसका कोई भी सामान न खरीदकर हम उसे आर्थिक रूप से कमजोर बना सकते हैं।
-सुजाता यादव

चीन की मंशा नहीं होगी पूरी
भारत और चीन के बीच पिछले कई वर्षों से विवाद रहा है, जिसके पीछे चीन के छिपे हुए खतरनाक इरादे हैं। हमारे हिस्से पर कब्जा कर वह हमें कमजोर करना चाहता है, जिसकी इस नए भारत में कोई गुंजाइश नहीं होगी।
– शाहिदा वनू