" /> हिंदुस्थान में छाया कोरोना संकट!

हिंदुस्थान में छाया कोरोना संकट!

कोरोना वायरस की वजह से हिंदुस्थान समेत दुनियाभर में तालाबंदी की नौबत आ गई है। लोग अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं और राशन को स्टॉक कर रहे हैं। इन हालातों के बीच केंद्र की मोदी सरकार ने एक बड़ा पैâसला लिया है।
खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने बताया कि नए नियम का फायदा देश के ७५ करोड़ लोगों को मिल सकेगा। रामविलास पासवान के मुताबिक सस्ता अनाज पाने के हकदार ७५ करोड़ लोगों को छह माह का राशन एक साथ लेने की छूट दी जाएगी। अभी उन्हें ज्यादा से ज्यादा दो माह का अनाज समय से पहले लेने की छूट है।
पर्याप्त भंडार है
हमारे गोदामों में अनाज का पर्याप्त भंडार है। हमने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा है कि वे गरीब लोगों को छह माह के अनाज का कोटा एक साथ उठाने की छूट दें।
पासवान ने बताया कि कोरोना वायरस संक्रमण के बीच यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि आगे किसी प्रकार की पाबंदी के लागू होने पर गरीब लोगों को अनाज पाने में दिक्कत न हो। यहां बता दें कि सिर्फ पंजाब सरकार ने अभी लोगों को छह माह का कोटा एक साथ उठाने की अनुमति दे रखी है। पासवान के मुताबिक इस समय सरकारी गोदामों में ४.३५ करोड़ टन अधिक अनाज पड़ा हुआ है, जो सुरक्षित बफर स्टाक की जरूरत से अधिक है।
इसमें से २७२.१९ लाख टन चावल और १६२.७९ लाख टन गेहूं है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी पीडीएस के लिए अप्रैल में बफर में १३५ लाख टन चावल और ७४.२ लाख टन गेहूं का भंडार सुरक्षित माना जाता है। ७५ करोड़ लोगों पर सरकार का ये पैâसला ऐसे समय में आया है, जब लोग हिंदुस्थान में कोरोना वायरस के डर से घरों में राशन-पानी जुटा रहे हैं। हालांकि राम विलास पासवान ने कहा कि कोरोना वायरस संकट के बीच सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में अनाज उपलब्ध है और लोगों को इसके लिए चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है।