हेपेटाइटिस को हराएंगे मुफ्त इलाज उपलब्ध कराएंगे

हेपेटाइटिस एक ऐसा वायरस है जो मनुष्य के लीवर पर सीधा आक्रमण करता है। हेपेटाइटिस के ए, बी, सी और ई जैसे चार स्ट्रेन हैं। इनमें ए और ई संक्रमण कुछ समय के लिए होता है और इलाज के बाद ठीक हो जाता है लेकिन यदि कोई बी और सी से ग्रसित होता है तो वह जिंदगीभर दवा पर जीने को मजबूर हो जाएगा। हेपेटाइटिस बी और सी से ग्रसित होनेवाले को अनेक समस्याओं से जूझना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर कई बार लोगों का लीवर जब ८० प्रतिशत तक डैमेज हो जाता है तब उन्हें शारीरिक समस्या उत्पन्न होती है। ऊपर से इसके इलाज के लिए हर महीने २ हजार से २,५०० रुपए का आर्थिक बोझ पड़ता है।
इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने और इसके उन्मूलन के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने २०३० का टारगेट तय किया है। ऐसे में मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र से हेपेटाइटिस को हराने और उक्त रोग से जूझ रहे वर्तमान रोगियों को मुफ्त इलाज देने का निर्णय लिया गया है। इतना ही नहीं हेपेटाइटिस से ग्रसित महानायक अमिताभ बच्चन को दक्षिण पूर्व एशिया का ब्रांड एम्बेसडर भी बनाया गया है।
 कैसे होता है हेपेटाइटिस बी और सी?
संक्रमित रोग विशेषज्ञ व डायरेक्टरेट ऑफ जसलोक अस्पताल, संक्रमित रोग विभाग के डॉ. ओम श्रीवास्तव ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी संक्रमित रक्त, असुरक्षित यौन संबंध, दूसरों के लिए उपयोग की गई सुई या एक ही सुई कई लोगों के लिए उपयोग करना और संक्रमित माता द्वारा नवजात शीशु में गर्भावस्था के दौरान या प्रसूति के दौरान हस्तांतरित होता है।
 क्या कहते हैं आंकड़े?
मुंबई के डॉक्टरों की मानें तो हर वर्ष औसतन लगभग २.५ लाख मुंबईकर हेपेटाइटिस का शिकार होते हैं जबकि महाराष्ट्र में कुल जनसंख्या के २ से ३ प्रतिशत लोग हेपेटाइटिस बी और ०.५ से १ प्रतिशत लोग हेपेटाइटिस सी से ग्रसित होते हैं। वर्तमान में हेपेटाइटिस बी से ग्रसित मरीजों को १५ हजार रुपए प्रति महीने दवाइयों पर खर्च करना पड़ता है।
 राज्य में ८ केंद्र मुफ्त में मिलेगा इलाज
केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि हेपेटाइटिस को जड़ से मिटाने के लिए सरकार हर मुमकिन प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में राज्य में ८ अस्पतालों में हेपेटाइटिस की जांच व इलाज के लिए केंद्र खोले जाएंगे। मुंबई, पुणे, नागपुर, यवतमाल, संभाजीनगर और अन्य जिले में केंद्र होंगे। मनपा का सायन अस्पताल इनमें से एक केंद्र रहेगा। सालभर में ६ हजार हेपेटाइटिस सी और २० हजार हेपेटाइटिस बी के मरीजों को इलाज के लिए एनरोल करने का लक्ष्य रखा गया है। नवजात शिशुओं को जन्म के २४ घंटे पहले हेपेटाइटिस का टीका दिया जाएगा।
 हेपेटाइटिस के लक्षण
डॉ. ओम श्रीवास्तव ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को पीलिया हुआ है या फिर उसे भूख नहीं लगती है, वजन में गिरावट, उल्टी और बदहजमी २ से ३ सप्ताह से हो रही है तो उन्हें डॉक्टर से कंसल्ट कर हेपेटाइटिस के लिए जांच करवानी चाहिए।