" /> ११ का गंदा संयोग!, तेलंगाना में शिक्षक ने किया ११ बच्चियों से बलात्कार

११ का गंदा संयोग!, तेलंगाना में शिक्षक ने किया ११ बच्चियों से बलात्कार

बलात्कार की घटनाओं में ताजा मामला तेलंगाना से सामने आया है, जहां एक २६ वर्षीय शिक्षक ने अपने कुकर्मों से शिक्षा के सम्मानित पेशे को कलंकित कर दिया। आरोपी शिक्षक पर चौथी कक्षा में पढ़नेवाली ११ छात्राओं से दो वर्षों तक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है। इसी तरह का एक अन्य मामला असम के विश्वनाथ जिला स्थित राजबाड़ी गांव में घटा है, जिसमें ७ नाबालिग छात्रों को ११ वर्षीय बच्ची से बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया है, जबकि रांची में लॉ की २५ वर्षीय छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए सभी ११ लोगों को अब आजीवन जेल की सलाखों के पीछे ही रहना होगा।
कांके (रांची) के संग्रामपुर इलाके में २६ नवंबर, २०१९ को लॉ की छात्रा के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया था। यह घटना उस समय की है, जब पीड़िता अपने मित्र के साथ कांके इलाके में शाम को बैठकर बातचीत कर रही थी। दोषियों ने शाम लगभग साढ़े पांच बजे उसका अपहरण कर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था। छात्रा की शिकायत पर पुलिस ने सुनील मुंडा, कुलदीप उरांव, सुनील उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव और ऋषि उरांव व एक नाबालिग करीब दर्जनभर लोगों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज किया था। २७ नवंबर को पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की छानबीन के बाद पुलिस ने २० दिसंबर को अदालत में चार्जशीट दायर कर दी। लगभग ४७ दिनों तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने ६ जनवरी, २०२० को चार्जप्रâेम कर दिया था। ७ जनवरी से शुरू हुई गवाही की प्रक्रिया २४ फरवरी तक चली। इस दौरान २१ गवाहों ने गवाही दर्ज कराई। रांची के न्यायाधीश नवनीत कुमार की अदालत ने रिकॉर्ड तीन माह के समय में इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए २६ फरवरी को सभी ११ अभियुक्तों को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी करार दिया था। २ मार्च को अदालत की कार्यवाही शुरू होते ही बचाव पक्ष के वकील एम.सी. दास, ईश्वर दयाल और विनोद सिंह ने अदालत से गुजारिश की कि अधिकतर अभियुक्तों की उम्र २० साल से कम है। सभी छात्र हैं और इनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है। इसे देखते हुए इन्हें कम-से-कम २० साल की सजा दी जाए। इस पर अभियोजन पक्ष के वकील ने अपनी दलील दी। उन्होंने अदालत से कहा कि अभियुक्तों ने जघन्य अपराध किया है इसलिए उन्हें अधिक-से-अधिक सजा दी जाए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने सभी ११ अभियुक्तों को उम्रवैâद की सजा सुनाई। इस मामले में पकड़े गए १२ आरोपियों में से एक बालिग नहीं था। अत: उसके मामले की सुनवाई अलग से किशोर बोर्ड में चल रही है। इस मामले में जिन्हें अदालत ने दोषी ठहराया है उनमें सुनील उरांव, कुलदीप उरांव, संदीप तिर्की, अजय मुंडा, राजन उरांव, नवीन उरांव, बसंत कच्छप, रवि उरांव, रोहित उरांव, सुनील मुडा और रिषि उरांव शामिल हैं। साथ ही अदालत ने सभी दोषियों को पीड़िता को पचास-पचास हजार रुपए का मुआवजा देने का भी आदेश दिया। इस मामले के सभी ११ अभियुक्तों की वीडियो कॉन्प्रâेंसिंग के जरिए पेशी हुई। अदालत ने इस मामले को संगीन अपराध मानते हुए भारतीय दंड संहिता की सामूहिक बलात्कार से जुड़ी धारा ३७६ डी के तहत जहां सभी दोषियों को ताउम्र जेल में रहने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर अभियुक्तों को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।