" /> १,५०० स्थानों की मिट्टी, २,००० स्थानों का जल, कल रामलला के मंदिर की नींव में समाएगा पूरा हिंदुस्थान

१,५०० स्थानों की मिट्टी, २,००० स्थानों का जल, कल रामलला के मंदिर की नींव में समाएगा पूरा हिंदुस्थान

कल अयोध्या में होनेवाले रामलला का भूमिपूजन ऐतिहासिक होगा। इस भूमिपूजन में पूरा हिंदुस्थान जो समाने जा रहा है। इस भूमि पूजन के लिए देश के १,५०० स्थलों की मिट्टी व २,००० स्थलों से लाए गए जल को मंदिर की नींव में डाला जाएगा। यह बात श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कल बताई।
चंपत राय ने कल ५ अगस्त को अयोध्या में होनेवाले भव्य राम मंदिर भूमिपूजन की तैयारियों और वहां आनेवाले अतिथियों को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। कल शाम को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि ९० साल से ज्यादा उम्र के लोग वैâसे आएंगे? कोरोना महामारी के दौरान जहां ज्यादा बुजुर्गों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आखिर किस आधार में राम मंदिर भूमि पूजन कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे सकते हैं? चपंत राय ने आगे कहा कि आडवाणी जी कैसे आएंगे, परासरन जी वैâसे आएंगे? चातुर्मास की व्यवस्था वालों के नाम हमने हटाए हैं। वहीं कल्याण सिंह से कहा गया है कि जब भीड़ कम हो तब अयोध्या आएं।
चपंत राय ने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि खुशी मनाएं, किसी को चिढ़ाएं नहीं। उन्होंने बताया कि राम मंदिर शिलान्यास में हिस्सा लेने के लिए ३६ परंपराओं के १३३ संतों को न्योता भेजा गया है। भूमिपूजन में पौने दो सौ महमानों को बुलाया गया है। कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए नेपाल में स्थित जनकपुर के जानकी मंदिर महंत भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा कार्यक्रम में पद्मश्री मोहम्मद शरीफ, जो १०,००० लावारिस शवों का अंतिम संस्कार कर चुके हैं, उन्हें भी आमंत्रित किया गया है। इकबाल अंसारी को भी आमंत्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि से निमंत्रण पत्र पर एक सिक्योरिटी कोड दिया गया है, जो सिर्फ एक बार काम करेगा। कोई भी अपना कार्ड किसी दूसरे को नहीं दे सकता है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में मोबाइल और बैग प्रतिबंधित होगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में पीएम मोदी के पहुंचने से २ घंटे पहले ही सबको पहुंचना होगा। रामलला के वस्त्रों के सवाल पर चंपत राय ने कहा कि रामलला हरे रंग के वस्त्र पहनेंगे क्योंकि ५ अगस्त को बुधवार है। उन्होंने कहा कि चारों ओर पेड़ हरे दिख रहे हैं, ये क्या इस्लाम के प्रतीक हैं? रंग के ऊपर चर्चा करना बेवकूफी है। भगवान के वस्त्र पुजारी तय करते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम दोपहर दो बजे तक पूरा होने का अनुमान है। चंपत राय ने बताया कि देशभर के लगभग १,५०० से भी अधिक स्थानों से पवित्र और ऐतिहासिक स्थलों की मिट्टी और २,००० से भी ज्यादा स्थानों और देश की १०० से भी ज्यादा पवित्र नदियों और सैकड़ों कुंडों के जल देश के कोने-कोने से रामभक्त इस भूमिपूजन के लिए लाए हैं।