" /> १५ हजार रुपयों का पंगा!, हिस्से के लिए दे दी परिवार ने जान

१५ हजार रुपयों का पंगा!, हिस्से के लिए दे दी परिवार ने जान

ठाणे के शील डायघर इलाके में सोमवार को सामने आई सामूहिक खुदकुशी की घटना महज ५ हजार रुपयों के कारण हुई थी। ऐसी सनसनीखेज जानकारी पुलिसिया जांच में सामने आई है। शील डायघर के अमीर माने जानेवाले पाटील परिवार के ३ भाइयों में १५ हजार रुपयों के बंटवारे को लेकर विवाद था। पुराने घर को तोड़ने के बाद निकले कौले व लकड़ी को बेचने से ये १५ हजार रुपए मिले थे। दरअसल पुराने घर को तोड़कर नया घर बनाने का ठेका, ठेकेदार को दिया गया था। घर के पुराने कवले व लकड़ी के लिए ठेकेदार ने कुल १५ हजार रुपए दिए थे। ठेकेदार ने कीमत कम दी है, इस वजह से पाटील परिवार में पहला विवाद शुरू हुआ था। बाद में ठेकेदार से मिले १५ हजार रुपयों में किस भाई को कितने रुपए मिलेंगे, इस पर परिवार में दूसरा विवाद हुआ था। हिस्से के बंटवारे को लेकर शुरू हुए इस विवाद में पाटील परिवार के सबसे छोटे बेटे ने अपनी ४ वर्षीय बच्ची को मौत के घाट उतारने के बाद पत्नी के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
बता दें कि सोमवार को निलजे रेलवे स्टेशन के समीप वाकलण गांव में रहनेवाली पाटील परिवार के छोटे-बेटे शिवराम पाटील उनकी पत्नी दीपिका पाटील व उनकी ४ वर्षीय बेटी अनुष्का पाटील के सामूहिक आत्महत्या का मामला सामने आया था। सामूहिक आत्महत्या मामले के बाद पुलिस के हाथ लगी, सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और सुसाइड नोट में जिम्मेदार बताए गए उनके दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि पुलिस अभी भी यह मानने को तैयार नहीं है कि केवल छोटी-सी बात के लिए कोई अपनी बेटी को मारकर सामूहिक खुदकुशी जैसा अप्रत्याशित कदम वैâसे उठा सकता है? इसलिए पुलिस इस मामले की अन्य कोणों से भी जांच कर रही है। शील डायघर पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक चंद्रकांत जाधव ने बताया कि शिवराम पाटील की आर्थिक स्थिति बेहद अच्छी थी, केवल १५ हजार रुपए के बंटवारे को लेकर वो क्यों आत्महत्या करेंगे?