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२०२१ में दौड़ेगी मेट्रो-७, दिसंबर में आएगी पहली ट्रेन सेट

मुंबई महानगर में १३ मेट्रो परियोजनाओं का काम चल रहा है। इन परियोजनाओं में से मेट्रो-७ और मेट्रो-२ए कॉरिडोर पर साल २०२१ में मेट्रो का परिचालन शुरू करने की योजना है। मेट्रो-७ कॉरिडोर का पहली ट्रेन सेट इसी साल दिसंबर में मुंबई पहुंचेगी।
अंधेरी पूर्व से दहिसर पूर्व के बीच १६.४७३ किमी लंबा मेट्रो-७ का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। एमएमआरडीए ने २०२० के अंत तक इस रूट पर सेवा शुरू करने की योजना बनाई थी। जुलाई २०२० से मेट्रो ७ रूट पर ट्रायल रन शुरू करने की योजना भी थी परंतु कोरोना के चलते इसमें देरी हो गई। ट्रायल रन के लिए मेट्रो का छह डिब्बोंवाला प्रोटोटाइप रेक जुलाई के पहले सप्ताह मुंबई पहुंचनेवाला था लेकिन अब ये रेक दिसंबर २०२० में मुंबई आ रहा है। रेक के मुंबई पहुंचने के कुछ दिन बाद ही ट्रायल रन की शुरुआत कर दी जाएगी। ट्रायल रन के दौरान पूरे रूट की सिग्नल प्रणाली, पटरी, इंडिकेटर, ट्रेन में उपलब्ध सभी सुविधाओं की जांच की जाएगी। ट्रायल में खामियां मिलने पर अन्य रेक के निर्माण के दौरान ही उनमें सुधार कर लिया जाएगा। एमएमआरडीए के मुताबिक योजना के अनुसार सब कुछ ठीक रहा तो ट्रायल के सफल होने पर साल २०२१ के पहली तिमाही में ही मेट्रो-७ रूट पर सेवा शुरू कर दी जाएगी।
मेट्रो का नया विकल्प
दहिसर से अंधेरी तक पहुंचने के लिए लोगों को वर्ष २०२१ की पहली तिमाही में मेट्रो के रूप में नया विकल्प मिल जाएगा। ६,२०८ करोड़ रुपए की लागत से बन रहे मेट्रो-७ कॉरिडोर में कुल १३ स्टेशन होंगे। मेट्रो-७ को मेट्रो-१ और मेट्रो-२ए से भी जोड़ा जाएगा।
स्टेशनों पर अत्याधुनिक सुविधा
मेट्रो-७ और मेट्रो-२ ए के स्टेशनों पर १८७ एस्केलेटर लगाए जाएंगे। हर स्टेशन पर ६, ८ और ९ एस्केलेटर लगाने की योजना बनाई गई है। मेट्रो-७ के १३ स्टेशनों पर कुल ८२ एस्केलेटर लगाए जाएंगे।
६ डिब्बों के मेट्रो की खासियत
एक साथ २,०९२ यात्री कर सकेंगे सफर
रिजनरेटिव ब्रेकिंग
पूर्ण स्वचालित
स्टेनलेस स्टील से निर्माण
२५,००० वॉल्ट पर दौड़ेगी
सीसीटीवी कैमरे
महिला सुरक्षा सुविधा
हल्के डिब्बे
कम बिजली की खपत
चालक-यात्री संवाद
प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोअर्स