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२० फीसदी ड्राइवर ड्रग्स लेकर चलाते हैं ट्रक

देश के प्रमुख हाइवेज पर आपने खतरनाक ट्रक दुर्घटनाएं देखी होंगी। मगर आप यह जानकर चौंक जाएंगे कि काफी सारे ट्रक ड्राइवर्स ड्रग्स का सेवन करके ट्रक चलाते हैं। ड्रग्स लेकर ट्रक चलानेवाले ड्राइवरों की संख्या २० फीसदी है। यह खुलासा एक सर्वे में हुआ है। ‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ ने यह सर्वे ‘महिंद्रा एंड महिंद्रा’ के सहयोग के साथ किया है। इस सर्वे में १,२०० से अधिक ट्रक ड्राइवर्स और १०० फ्लीट ऑनर्स ने हिस्सा लिया है। यह सर्वे देश के १० प्रमुख परिवहन केंद्रों-दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बंगलुरु, जयपुर, अमदाबाद, गुवाहाटी, कानपुर और विजयवाड़ा में किया गया है।

सर्वे में ट्रक ड्राइवर्स ने कहा कि सड़कों की बुरी स्थिति और भ्रष्टाचार के कारण ट्रक चालन का पेशा काफी चुनौतीपूर्ण है। सर्वे में एक अनुमान के अनुसार कहा गया है कि इस पेशे में वर्तमान में हर साल ४७,८५२.२८ करोड़ रुपए की रिश्वत दी जाती है। दिल्ली एनसीआर में ८४ फीसदी ट्रक ड्राइवर्स ने यातायात पुलिस अधिकारियों को रिश्वत देने की बात मानी है जबकि देश में यह आंकड़ा ६७ फीसदी है। यह रकम आमतौर पर ट्रक के मालिक या ट्रक के जरिए सामान भिजवानेवाले को वहन करनी पड़ती है और यह भ्रष्टाचार का एक बड़ा जरिया बन चुका है। ज्यादातर ट्रक ड्राइवर्स ने बताया कि वे सड़क पर असुरक्षित महसूस करते हैं, इनमें से बहुत कम ने कहा कि वे खुद असुरक्षित ड्राइविंग करते हैं। नियमों का उल्लंघन करने पर, उन्होंने कहा कि वे रिश्वत देकर बाहर निकल जाते हैं। तकरीबन ४९ फीसदी उत्तरदाताओं ने स्वीकार किया कि लोड संबंधी नियमों का पालन न करने की स्थिति में उन्होंने रिश्वत दी है।

‘सेव लाइफ फाउंडेशन’ ने अध्ययन में पाया है कि ५३ फीसदी वाहन चाहक अपने पेशे से संतुष्ट नहीं हैं। इसके कारण अनियमित आय, अधिकारियों द्वारा उत्पीड़ित और काम करने के अनियमित घंटे प्रमुख हैं। स्वास्थ्य समस्याएं और सामाजिक सुरक्षा भी ड्राइवर्स के असंतोष के कारण हैं। सर्वे में शामिल लगभग सभी ड्राइवर्स का कहना है कि वह रोजाना करीब २० घंटे वाहन चलाते हैं। इसमें से ५० फीसदी ड्राइवर ऐसे हैं, जो लगातार वाहन चलाते हैं चाहे वे थक जाएं या उन्हें नींद आ रही हो। सर्वे में शामिल पांच में से एक ड्राइवर ने माना कि वे वाहन चलाने के दौरान ड्रग्स का सेवन करते हैं। कोलकाता में इस तरह के ड्राइवरों की संख्या सबसे अधिक है। इसके बाद कानपुर और दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक चालक ड्रग्स का सेवन कर गाड़ी चलाते हैं। इन तीनों शहरों में आधे चालकों ने पुष्टि की है कि वे ड्रग्स लेकर वाहन चलाते हैं।