" /> २५,००० लोगों की भारत में नो एंट्री! देश के १२ बंदरगाहों पर लगी है रोक

२५,००० लोगों की भारत में नो एंट्री! देश के १२ बंदरगाहों पर लगी है रोक

 ७०० से ज्यादा जहाजों को रोका
 बंदरगाहों पर नहीं उतर पाए यात्री
 कोरोना अलर्ट पर शिपिंग मिनिस्ट्री

कोरोना वायरस का खौफ पूरी दुनिया में मचा हुआ है। १०० से ज्यादा देश इस वायरस से प्रभावित हो चुके हैं। इस बीमारी के फैलने की खबर मिलते ही भारत अलर्ट हो गया था। यही वजह है कि अभी तक देश के १२ बंदरगाहों पर किसी भी क्रूज शिप के आने पर रोक लगी हुई है। इस कारण इन जहाजों के करीब २५,००० यात्रियों व क्रू मेंबर्स की भारत में एंट्री नहीं हो सकी। इन जहाजों के लिए यह नो एंट्री आगामी ३१ मार्च तक जारी रहेगी। ३१ की परिस्थिति देखने के बाद फिर पैâसला लिया जाएगा।
शिपिंग मिनिस्ट्री के अधिकारियों के अनुसार माल चढ़ाने और उतारने पर पाबंदी के अलावा सरकार ने कोरोना वायरस से प्रभावित देशों से आए किसी भी अंतरराष्ट्रीय क्रूज, चालक दल के सदस्यों और यात्रियों के भारतीय तटों पर उतरने को लेकर ३१ मार्च तक के लिए रोक लगा दी है। यह रोक पिछले हफ्ते लगाई गई। देश के प्रमुख बंदरगाहों पर यह प्रतिबंध १ फरवरी २०२० के बाद कोरोना वायरस से प्रभावित देशों की यात्रा करने वालों पर लागू है। मिली जानकारी के अनुसार १३ मार्च तक चीन या कोरोना प्रभावित दूसरे देशों से होकर आए इन जहाजों पर सवार यात्री और चालक दल के सदस्य भारतीय तटों पर आए। वायरस को फैलने की किसी भी आशंका को खत्म करने के लिए एहतियातन उन लोगों को उतरने की इजाजत नहीं दी गई। उन्हें तट पर निर्धारित जगहों पर ठहरने को कहा गया लेकिन २६ जनवरी के बाद ऐसे यात्रियों या क्रू को तट पर उतरने के लिए जरूरी पास नहीं जारी किया गया।

रडार पर जहाज! बंदरगाहों पर रुकने की अनुमति नहीं
कोरोना वायरस के फैलने के बाद देश के सभी १२ बंदरगाहों पर आनेवाले जहाज रडार पर हैं। उन्हें वहां रुकने की अनुमति नहीं है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के दिशानिर्देशों के मुताबिक जहाजों पर सवार सभी यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को स्वैâन किया जा रहा है और उन तक हर जरूरी सुविधा पहुंचाई जा रही है। सभी जरूरी प्रोटोकॉल्स का पालन किया जा रहा है और अगर कोई बीमार या किसी को बुखार है तो उन्हें मदद उपलब्ध कराई जा रही है।
देश में कुल १२ बड़े बंदरगाह हैं- कांडला, मुंबई, जेएनपीटी, मार्मागुआ, न्यू मंगलुरु, कोच्चि, चेन्नै, कामराजार, वी. ओ. चिदंबरनार, विशाखापट्टनम, पारादीप और कोलकाता (हल्दिया)। इन बंदरगाहों से २०१८-१९ में ६९९.०४ मिट्रिक टन माल की आवाजाही हुई थी। इनके अलावा भारत में २०० छोटे-छोटे बंदरगाह हैं, जो राज्यों के नियंत्रण में हैं। सरकार ने कोरोना वायरस को पैâलने से रोकने के लिए पिछले महीने सभी १२ प्रमुख बंदरगाहों को समुद्री यात्रा करने वालों के लिए तत्काल स्क्रीनिंग, डिटेंशन और क्वारेंटाइन सिस्टम को शुरू करने को कहा था।
इसके अलावा सरकार ने बंदरगाहों को एन-९५ मास्क को उपलब्ध कराने के साथ-साथ यात्रियों की स्क्रीनिंग के लिए थर्मल स्वैâनर की व्यवस्था करने को कहा था। आनेवाले यात्रियों और क्रू मेंबर से सेल्फ-डेक्लरेशन फॉर्म्स को भी भरना जरूरी किया गया है। घातक वायरस को फैलने से रोकने के लिए शिपिंग मिनिस्ट्री ने कहा है कि वह सिर्फ उन इंटरनेशनल क्रूज शिप को भारतीय तटों पर उतरने की इजाजत देगी जिन्होंने १ जनवरी २०२० से पहले इसकी मांग की होगी। मंत्रालय का कहना है, ‘सिर्फ उन इंटरनेशनल क्रूज शिप को इजाजत दी जाएगी जिन्होंने १ जनवरी २०२० से पहले तक अपने कार्यक्रम की सूचना दी थी।