" /> २८४ नक्सली मारने का खर्च रु. ७०६ करोड!, १३७ जवान हुए शहीद

२८४ नक्सली मारने का खर्च रु. ७०६ करोड!, १३७ जवान हुए शहीद

छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से जुड़ी घटनाओं के आंकड़े लोकसभा के बजट सत्र में पेश किए गए हैं। बस्तर के सांसद दीपक बैज के एक सवाल के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नक्सल समस्या के लिए जारी राशि का ब्यौरा दिया है, इसमें पिछले तीन सालों में नक्सल हिंसा से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य सरकार को ७०६ करोड़ ७८ लाख रुपए देने का दावा किया है। यह राशि अलग-अलग योजनाओं के तहत वित्तिय वर्ष २०१७-१८ से सत्र २०१९-२० के बीच जारी की गई है।
लोकसभा में पेश एक अन्य सवाल के जवाब में नक्सल हिंसा की वारदातों और उसमें हुई जनहानि के आंकड़े भी पेश किए गए हैं। इसके तहत छत्तीसगढ़ में तीन सालों में १ हजार २८ नक्सल वारदातें हुर्इं। इनमें २८४ नक्सली मारे जाने का दावा किया गया है। जबकि इन सालों में १३७ जवानों की शहादत हुई है। इतना ही नहीं २२३ आम नागरिकों को भी इन नक्सल वारदातों में अपनी जान गंवानी पड़ी है। बस्तर के सांसद दीपक बैज के सवाल के जवाब में बताया गया है कि सत्र २०१४-१५ से सत्र २०१६-१७ के बीच नक्सल समस्यायों से निपटने के लिए राज्य सरकार को २२४.६३ करोड़ रुपए जारी किए गए थे। लोकसभा में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक साल २०१९ में नक्सल हिंसा की घटनाएं पिछले तीन सालों की तुलना में कम हुई हैं।
३५४ नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण
गृह राज्‍यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सबसे अधिक १५ ग्रामीणों की तथा नौ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई। गृह राज्यमंत्री ने बताया कि राज्य के सुकमा जिले में सबसे अधिक १९९ नक्सलियों ने, दंतेवाड़ा जिले में ७९ नक्सलियों ने तथा बीजापुर जिले में ५६ नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है।
नक्सलियों ने लूटे हथियार
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने एक वारदात को अंजाम दिया है। नक्सलियों ने बाजार से लौट रहे जवान पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और उससे इसांस राइफल लूट ली। हमले में जवान को गंभीर चोट लगी है। उसे इलाज के लिए भेजा गया है। ओरछा थाना क्षेत्र में ही लगे बाजार से जवान लौट रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने उस पर हमला कर दिया।

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